इमारत हादसे में तीन लोगों की मौत, दो घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के हौज काजी इलाके में घटे दर्दनाक हादसे के बाद घटना स्थल पर चलाए जा रहे निरंतर राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मलबे से एक और व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। पुलिस ने मृतक की पहचान पंकज शर्मा (40) के रूप में की है, जिसके बाद इस भीषण हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के समीप स्थित गली सितारा में गुरुवार सुबह करीब नौ बजकर 50 मिनट पर एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई थी। घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के राहत दलों ने संयुक्त रूप से व्यापक बचाव अभियान शुरू किया, जो अभी भी जारी है।

बचाव अभियान और हताहतों का विवरण

मध्य दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रोहित राजबीर सिंह ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि हादसा घटित होने के समय 50 वर्गमीटर के इस निर्माणाधीन स्थल पर 10 से 15 मजदूर काम में लगे हुए थे। गुरुवार को ही दो मजदूरों किशोरी (40) और संजीत (45) की मौत हो गई थी, जबकि सहदेव चौधरी (25) तथा फिरोज (37) नामक दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए मलबे से चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। क्षेत्र की अत्यंत संकरी गलियों और आसपास की पुरानी इमारतों की स्थिरता को लेकर बनी आशंकाओं के बीच सुरक्षा दल बेहद सतर्कतापूर्वक राहत कार्य चला रहे हैं।

अवैध निर्माण और घटिया निर्माण सामग्री का खुलासा

नगर निगम के अधिकारियों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 50 वर्गमीटर के इस छोटे भूखंड पर बिना किसी आवश्यक कानूनी अनुमति और स्वीकृति के इमारत खड़ी की जा रही थी। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस इमारत का कोई भी आधिकारिक भवन नक्शा स्वीकृत नहीं कराया गया था। बिना सुरक्षा मानकों के इमारत का निर्माण तीसरी मंजिल तक पहुंचा दिया गया था और जब छत की स्लैब ढाली जा रही थी, तभी पूरी संरचना अचानक गिर गई। जांच अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री इंजीनियरिंग मानकों के सर्वथा विपरीत और बेहद घटिया स्तर की थी, जो सही तरीके से सेट भी नहीं हो सकी थी और यही इमारत ढहने का प्रमुख कारण बनी।

पुलिस की पूर्व चेतावनी और जिम्मेदारों पर बीएनएस के तहत केस दर्ज

इस दुखद हादसे का एक सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि दिल्ली पुलिस ने जून माह में ही इस स्थान पर चल रहे अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम को लिखित रूप में आगाह कर दिया था। गत 15 जून को हौज काजी थाने के एसएचओ ने एमसीडी के संबंधित जोन कार्यालय को पत्र भेजकर अवैध निर्माण कार्य की औपचारिक जानकारी दी थी, जिसमें जमीन के मालिक और ठेकेदार के रूप में फरकान नामक व्यक्ति की पहचान उजागर की गई थी। इस प्रशासनिक उपेक्षा और घोर लापरवाही के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिकों और ठेकेदारों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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