Delhi NCR GRAP 3 नई दिल्ली:दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है.हवा की गुणवत्ता बिगड़ने और कई इलाकों में AQI गंभीर श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार, 6 नवंबर को GRAP-3 लागू कर दिया. दिवाली से पहले प्रदूषण को और बढ़ने से रोकने के लिए यह फैसला एहतियाती कदम के तौर पर लिया गया है.
दिल्ली में सुबह 8 बजे औसत AQI 389 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में है. हालांकि, राजधानी के कई निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया. आईआईटी दिल्ली और रोहिणी में AQI 474, पंजाबी बाग में 465, आरके पुरम में 443 और आईटीओ में 422 दर्ज किया गया.
GRAP-3 लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में धूल फैलाने वाले निर्माण कार्यों, स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियों पर रोक सहित कई सख्त कदम उठाए जाएंगे. कुछ श्रेणी के पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों के संचालन पर भी प्रतिबंध रहेगा. स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई और दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम को लेकर भी दिशा-निर्देश लागू हैं.
CAQM ने क्यों लिया GRAP-3 लागू करने का फैसला?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की GRAP सब-कमेटी ने 6 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति की समीक्षा के बाद तीसरे चरण की पाबंदियां लागू करने का निर्णय लिया. यह फैसला दिवाली से पहले प्रदूषण के स्तर को और बिगड़ने से रोकने के लिए एहतियातन लिया गया है.
GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान प्रदूषण नियंत्रण के लिए तैयार की गई चरणबद्ध व्यवस्था है. इसके तहत हवा की गुणवत्ता खराब होने पर अलग-अलग स्तर की पाबंदियां लागू की जाती हैं.
आमतौर पर GRAP-3 दिल्ली के औसत AQI के 401 से 450 के बीच पहुंचने पर लागू होता है. इसे गंभीर (Severe) श्रेणी कहा जाता है. हालांकि, संशोधित व्यवस्था के तहत मौसम और प्रदूषण के पूर्वानुमान को देखते हुए भी पहले से कार्रवाई की जा सकती है.
GRAP-3 में क्या-क्या पाबंदियां लागू होंगी?
तीसरे चरण के तहत CAQM ने प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। संशोधित GRAP व्यवस्था में तीसरे चरण के तहत 10 प्रमुख कार्रवाई बिंदु शामिल हैं।
1. निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक
दिल्ली-एनसीआर में धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर रोक लगाई जाएगी. इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
जमीन की खुदाई और भराई
बोरिंग और ड्रिलिंग
पाइलिंग और तोड़फोड़ के काम
ईंट और चिनाई का काम
सीमेंट, प्लास्टर और पेंटिंग से जुड़े कार्य
टाइल और पत्थर काटने तथा घिसने का काम
सड़क निर्माण और बड़ी मरम्मत
निर्माण सामग्री की लोडिंग और अनलोडिंग
मलबे की ढुलाई
हालांकि, कुछ आवश्यक परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के साथ छूट मिल सकती है.
2. स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियां बंद
GRAP-3 के तहत पूरे एनसीआर में स्टोन क्रशर चलाने पर रोक रहेगी। इसके साथ ही सभी प्रकार की खनन गतिविधियां और उनसे जुड़ा काम भी बंद रखने का प्रावधान है।
इन गतिविधियों से बड़ी मात्रा में धूल निकलती है, जिससे हवा में प्रदूषण बढ़ता है।
3. BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल कारों पर प्रतिबंध
पुरानी गाड़ियों को लेकर भी सख्ती की जाएगी। दिल्ली और एनसीआर के निर्धारित जिलों में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल की चार पहिया हल्की मोटर गाड़ियों के चलने पर प्रतिबंध रहेगा।
यह प्रतिबंध इन क्षेत्रों में लागू होगा:
दिल्ली
गुरुग्राम
फरीदाबाद
गाजियाबाद
गौतम बुद्ध नगर
सोनीपत
दिव्यांग व्यक्तियों के निजी इस्तेमाल के लिए विशेष रूप से तैयार वाहनों को निर्धारित छूट मिलेगी।
4. दिल्ली में बाहर से आने वाले पुराने डीजल मालवाहक वाहनों पर रोक
संशोधित GRAP के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-4 और उससे नीचे के मानक वाले डीजल लाइट और मीडियम गुड्स वाहनों (LGV और MGV) के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
इसके अलावा BS-4 और उससे नीचे के कुछ मालवाहक वाहनों को लेकर आवश्यक सामान की ढुलाई वाली पुरानी छूट भी समाप्त की गई है।
5. पांचवीं तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड पढ़ाई
GRAP-3 के दौरान दिल्ली और एनसीआर के निर्धारित जिलों में पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड मोड में पढ़ाई का प्रावधान है।
इसका मतलब है कि स्कूलों में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से कक्षाएं संचालित की जा सकती हैं। जहां ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध होगी, वहां अभिभावक और विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे।
सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों का वर्क फ्रॉम होम
दिल्ली-एनसीआर में वर्क फ्रॉम होम को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं. हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि 50 प्रतिशत कर्मचारियों के घर से काम करने का निर्देश GRAP-3 लागू होने के कारण ही जारी नहीं हुआ है.
CAQM ने 30 अक्टूबर को अलग आदेश जारी कर 5 से 20 नवंबर 2026 तक एहतियाती प्रदूषण नियंत्रण उपाय लागू किए हैं. इसके तहत दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद तथा गौतम बुद्ध नगर में सरकारी और निजी कार्यालयों को अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ चलाने तथा बाकी कर्मचारियों को घर से काम कराने का निर्देश दिया गया है.
औद्योगिक प्रतिष्ठानों और ऐसी आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है, जहां यह व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है.
गुरुग्राम में अवैध पटाखों के खिलाफ कार्रवाई, 41 FIR दर्ज
प्रदूषण नियंत्रण और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए गुरुग्राम प्रशासन ने अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण के खिलाफ भी कार्रवाई की है।
उपायुक्त उत्तम सिंह के निर्देश पर अवैध पटाखों से जुड़े 41 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन ने बड़ी मात्रा में अवैध पटाखे जब्त किए हैं।
इसके अलावा वर्क फ्रॉम होम के नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
आम लोगों के लिए CAQM की सलाह
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए CAQM ने आम लोगों से भी सहयोग करने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे:
कम दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का इस्तेमाल करें।
निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें।
कार पूलिंग यानी एक वाहन में कई लोगों के साथ सफर करें।
संभव हो तो घर से काम करें।
कोयला और लकड़ी जलाने से बचें।
घरों में काम करने वाले कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराएं।
जरूरी कामों को एक साथ निपटाएं, ताकि वाहनों का इस्तेमाल कम हो।
आगे और बढ़ सकती हैं पाबंदियां
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति पर CAQM और संबंधित एजेंसियों की नजर बनी हुई है। GRAP की व्यवस्था में प्रदूषण और मौसम के पूर्वानुमान के आधार पर प्रतिबंधों को बढ़ाया या कम किया जा सकता है।
फिलहाल GRAP-3 लागू होने से आम लोगों, वाहन चालकों, निर्माण क्षेत्र और कारोबारियों पर इसका असर पड़ना तय है। ऐसे में लोगों को सलाह है कि वे अपने क्षेत्र में लागू सरकारी आदेशों की जानकारी लेकर ही घर से निकलें।

