नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह शनिवार को अत्यंत भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने 'जेन जी' से लेकर 74 वर्ष के एक वरिष्ठ शोधार्थी समेत कुल 3,036 मेधावी विद्यार्थियों को उनकी डिग्रियां प्रदान कीं और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
सुपरकंप्यूटिंग सुविधा 'परम प्रज्ञा' का हुआ उद्घाटन, मेधावी छात्रों को मिले प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक
दीक्षांत समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेधावी विद्यार्थियों को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक और अन्य मानद पदक से सम्मानित किया। इसके साथ ही, उन्होंने आईआईटी दिल्ली के सोनीपत परिसर में स्थापित की गई अत्याधुनिक एआई-संचालित उच्च-प्रदर्शन सुपरकंप्यूटिंग सुविधा 'परम प्रज्ञा' का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया, जो तकनीकी अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है।
संस्थान के निदेशक रंगन बनर्जी ने पेश की रिपोर्ट, 600 करोड़ के प्रोजेक्ट्स और पेटेंट में आई तेजी
कार्यक्रम के दौरान आईआईटी दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष कुल 3,036 छात्रों को डिग्रियां दी गई हैं, जिनमें 587 पीएचडी, 567 एमटेक और 1,049 बीटेक के छात्र शामिल हैं। संस्थान ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 600 करोड़ रुपये के प्रायोजित अनुसंधान प्रोजेक्ट्स पर काम किया है, साथ ही पिछले एक साल में 196 नए पेटेंट और 26 नए स्टार्टअप स्थापित किए गए हैं।
छात्र कल्याण के लिए शुरू की गईं विशेष पहल, सोनीपत और अबू धाबी परिसरों का हो रहा विस्तार
संस्थान ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और करियर मार्गदर्शन के लिए कई बेहतरीन कदम उठाए हैं, जिसमें 'कॉल फॉर अ फ्रेंड' कार्यक्रम और पूर्व छात्रों द्वारा अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की मेंटरशिप शामिल है। इसके अलावा, प्रशासनिक कार्यों को पूरी तरह पेपरलेस बनाने के साथ-साथ सोनीपत और अबू धाबी परिसरों के विस्तार पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।

