मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान को लेकर बढ़ा विवाद, SGPC-HSGPC में टकराव के आसार

शाहबाद: जिला के शाहबाद स्थित मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान की कमान को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गंभीर रूप ले चुका है। आज दोनों प्रमुख पक्षों, एसजीपीसी और एचएसजीपीसी के आमने-सामने आने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संस्थान परिसर में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

एसजीपीसी और ट्रस्ट चेयरमैन की मौजूदगी

एसजीपीसी और संस्थान के ट्रस्ट चेयरमैन एडवोकेट हरजिंद्र सिंह धामी संस्थान पहुंच चुके हैं। वे प्रबंधन व्यवस्था को लेकर बोर्ड के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं, जिसके बाद किसी बड़े निर्णय की घोषणा होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने भी इसी संस्थान में अपनी कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी सदस्यों के साथ-साथ अध्यक्ष जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा के भी शामिल होने की संभावना है। फिलहाल एडवोकेट हरजिंद्र सिंह धामी ने मौके पर पहुंचकर संस्थान का जायजा लिया और वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी ली है।

कानूनी मोर्चे पर भी जारी है खींचतान

संस्थान के नियंत्रण को लेकर छिड़ी कानूनी जंग अभी थमी नहीं है। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहले ही हरियाणा कमेटी के पक्ष में फैसला सुना चुका है, जिसके आधार पर बीते 27 जुलाई को हरियाणा कमेटी ने संस्थान प्रबंधन अपने अधिकार क्षेत्र में होने का दावा किया था। इसके जवाब में एसजीपीसी ने हाईकोर्ट में दोबारा याचिका दाखिल की है, जिस पर शुरुआती सुनवाई हो चुकी है।

स्टे और कर्मचारियों के वेतन का संकट

न्यायालय ने हरियाणा कमेटी द्वारा संस्थान के चिकित्सकों के लिए गठित किए गए बोर्ड पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस तनातनी और विवाद के बीच संस्थान के डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों का चार महीने का वेतन भी फंस गया था। हालांकि, पिछले दिनों एसजीपीसी ने एक महीने का वेतन जारी कर दिया है। आज दोनों पक्षों की बैठकों में लिए जाने वाले निर्णयों पर क्षेत्र के लोगों और प्रशासन की पैनी नजर टिकी हुई है।

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