चेन्नई। तमिलनाडु के सत्तारूढ़ खेमे में एक नया राजनीतिक अध्याय शुरू हो गया है, जहाँ सत्ताधारी गुट ने अपने गठबंधन को एक नई पहचान दी है। मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में सहयोगी दलों ने रणनीति तय की और नए मोर्चे के गठन पर सहमति जताई।
गठबंधन का नाम और एजेंडा तय
बैठक संपन्न होने के बाद राज्य कांग्रेस कमेटी के प्रमुख बी. मणिकम टैगोर ने औपचारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस नए मोर्चे का नाम 'सेक्युलर, सोशल जस्टिस, विक्ट्री फ्रंट' रखा गया है। टैगोर के अनुसार, यह नाम ही गठबंधन की नीतियों, विचारधारा और भावी प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि प्रदेश के अधिकारों और जनहित की लड़ाई लड़ने वाले सभी प्रमुख दलों को इस साझा मंच पर लाया गया है।
चुनावी तैयारियों पर नजर
नए गठबंधन के भावी कदमों का जिक्र करते हुए टीएनसीसी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह मोर्चा आने वाले उपचुनावों में पूरी मजबूती के साथ अपनी दावेदारी पेश करेगा। यद्यपि सीटों के बंटवारे और प्रत्याशियों के नामों का ऐलान अभी बाकी है, लेकिन इस नए नामकरण के साथ ही तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में चुनावी हलचल और रणनीतिक समीकरणों को लेकर बहस छिड़ गई है।
विजय की अगुवाई में एकजुटता
बुधवार को हुई इस बैठक में सहयोगियों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व पर अपना भरोसा जताया। गठबंधन के नाम में धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय जैसे विषयों को शामिल करना यह दर्शाता है कि नया मोर्चा तमिलनाडु की सियासत में किन मुद्दों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ेगा।

