गुरुग्राम: साइबर सिटी के रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने अपना हंटर एक बार फिर तेज कर दिया है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (डीटीपीई) के प्रवर्तन दस्ते ने शुक्रवार को डीएलएफ फेज-3 इलाके में एक बड़ा और व्यापक सीलिंग, ध्वस्तीकरण तथा रेस्टोरेशन अभियान चलाया। माननीय उच्च न्यायालय के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला नगर योजनाकार अमित मधोलिया के कुशल नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई से भू-माफियाओं और नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन स्वामियों में हड़कंप मच गया है।
न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई
प्रशासनिक टीम ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस बल और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इस व्यापक कार्रवाई को अंजाम दिया। उच्च न्यायालय के सख्त निर्देशों के बाद विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रिहायशी क्षेत्रों के मूल स्वरूप को बिगाड़ने और अवैध निर्माण करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। शुक्रवार की सुबह जैसे ही पीले पंजे और सीलिंग दस्ते ने डीएलएफ फेज-3 में प्रवेश किया, वैसे ही अवैध निर्माण करने वालों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
स्टिल्ट पार्किंग में बने अवैध भवनों और कमरों पर चला पीला पंजा
डीएलएफ फेज-1 से लेकर फेज-5 तक चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तीसरे चरण के अंतर्गत शुक्रवार को मुख्य रूप से एस, टी और सिरिस रोड क्षेत्र को लक्षित किया गया। प्रवर्तन टीम ने पाया कि कई भवन निर्माताओं ने वाहनों की पार्किंग के लिए आरक्षित स्टिल्ट एरिया का दुरुपयोग करते हुए वहां अवैध रूप से कमरे, ड्राइंग रूम, सर्वेंट रूम और शौचालयों का निर्माण कर रखा था। विभाग के बुलडोजर ने इन सभी अवैध कंक्रीट के ढांचों को चंद मिनटों में मलबे में तब्दील कर दिया, ताकि पार्किंग की जगह का उपयोग केवल वाहनों के लिए ही सुनिश्चित किया जा सके।
रिहायशी इमारतों में चल रहे चार बड़े व्यावसायिक परिसर पूरी तरह सील
ध्वस्तीकरण के साथ-साथ विभाग ने रिहायशी भवनों के भीतर व्यावसायिक नियम कायदों का उल्लंघन करने वालों पर भी कड़ा शिकंजा कसा है। नियमों को ताक पर रखकर आवासीय क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे चार बड़े व्यावसायिक परिसरों को प्रशासनिक टीम ने मौके पर ही सील कर दिया। इसके अतिरिक्त, रिहायशी मकानों में बिना अनुमति के चलाए जा रहे पेइंग गेस्ट (पीजी), गेस्ट हाउस, कॉर्पोरेट कार्यालय और अन्य अवांछित व्यावसायिक गतिविधियों पर भी भारी सख्ती दिखाई गई और उन्हें तुरंत प्रभाव से बंद करने के कड़े नोटिस जारी किए गए।
साढ़े चार किलोमीटर लंबी सड़क को अतिक्रमण से कराया गया मुक्त
इस महाअभियान के दौरान यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सड़कों के किनारे किए गए अवैध कब्जों पर भी बड़ी कार्रवाई की गई। विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबे 'राइट ऑफ वे' (आरओडब्ल्यू) यानी मुख्य सड़क मार्ग को हर प्रकार के स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त कराया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी भवन स्वामी ने दोबारा सड़क मार्ग पर कब्जा करने या सील किए गए परिसरों के ताले तोड़ने का प्रयास किया, तो उनके खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराकर कानूनी जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

