योगी सरकार की पहल से यूपी के आम्रपाली आम को मिली वैश्विक पहचान,1200 किलो खेप लंदन रवाना

UP Amrapali Mango Export  लखनऊ : उत्तर प्रदेश के बागबानों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है. भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के प्रभावी होने के बाद योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश के प्रसिद्ध आम्रपाली आम को अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिल रही है. शनिवार को 1200 किलोग्राम आम्रपाली आम की खेप लखनऊ से लंदन के लिए रवाना की गई.

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने उद्यान निदेशालय, लखनऊ से इस निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार किसानों और बागबानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि एवं उद्यान उत्पादों के निर्यात को लगातार बढ़ावा दे रही है.

UP Amrapali Mango Export : दो दिनों में 2400 किलो आम यूके रवाना

बी.एल. मीणा ने बताया कि एपीडा (APEDA) और उद्यान विभाग के संयुक्त प्रयासों से उत्तर प्रदेश के आमों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले दो दिनों में 2400 किलोग्राम चौसा और आम्रपाली आम की खेप उत्तर प्रदेश से यूनाइटेड किंगडम (यूके) भेजी जा चुकी है। इससे प्रदेश के बागबानों को बेहतर कीमत मिलने के साथ-साथ वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के फलों की मजबूत पहचान बन रही है।

बागबानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

उन्होंने कहा कि सरकार की रणनीति प्रदेश के गुणवत्तापूर्ण फलों को दुनिया के प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने की है, ताकि किसानों और बागबानों को उनकी उपज का अधिकतम लाभ मिल सके। निर्यात बढ़ने से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छुएगा।

वैश्विक बाजार में मजबूत हो रही यूपी की पहचान

आम्रपाली और चौसा जैसे प्रसिद्ध आमों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब वैश्विक फल बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-यूके CETA के लागू होने के बाद प्रदेश के कृषि और बागवानी उत्पादों के निर्यात को और अधिक गति मिलेगी।

इस अवसर पर उद्यान विभाग, एपीडा के अधिकारी तथा संबंधित निर्यातक भी मौजूद रहे।

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