दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर घटेंगे हादसे, क्रैश बैरियर से बढ़ेगी सुरक्षा

गुरुग्राम: दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और सुरक्षात्मक कदम उठाया है। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ जहां भी सुरक्षा रेलिंग टूटी हुई थी, वहां एनएचएआई ने दो से तीन मीटर की दूरी पर भारी और मजबूत क्रैश बैरियर लगाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। इस त्वरित कवायद का मुख्य उद्देश्य अनियंत्रित होने वाले वाहनों को सड़क किनारे बने गहरे नालों में गिरने से रोकना है, जिससे भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े और जानलेवा हादसे को टाला जा सके।

पहले ही दिन टला एक बड़ा और भयानक हादसा

प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम की उपयोगिता काम शुरू होने के तुरंत बाद ही साबित हो गई। दिल्ली से मानेसर की दिशा में जा रहा एक भारी-भरकम ट्रक अचानक नाहरपुर के समीप असंतुलित हो गया, लेकिन सड़क किनारे नवनिमित क्रैश बैरियर होने की वजह से वह नाले में समाने से बाल-बाल बच गया। चश्मदीदों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, यदि वहां क्रैश बैरियर मौजूद नहीं होता, तो ट्रक का पहिया सीधे नाले में उतर जाता और वाहन के पलटने से एक बड़ा हादसा घटित हो सकता था। इस घटना के बाद बचे हुए हिस्सों में भी बैरियर लगाने के काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

टूटी रेलिंग और जलभराव के कारण बना रहता था खतरा

गौरतलब है कि सिरहौल बॉर्डर से लेकर खेड़कीदौला टोल प्लाजा के बीच दोनों दिशाओं में करीब 30 से अधिक स्थानों पर सुरक्षा रेलिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त और टूटी हुई थी। इस वजह से तेज रफ्तार वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा हमेशा बना रहता था। विशेष रूप से मानसून के मौसम और भारी बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे पर अत्यधिक जलभराव हो जाने के कारण वाहन चालकों को सड़क के किनारों का सही अंदाजा नहीं मिल पाता था, जिससे पहले भी कई गाड़ियां सीधे नाले में गिर चुकी हैं और कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। फिलहाल राजीव चौक से लेकर हीरो होंडा चौक तक यह काम काफी हद तक मुकम्मल कर लिया गया है।

हादसों को न्यौता देने वाले अवैध कट होंगे पूरी तरह सील

एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों को शत-प्रतिशत दुरुस्त करने के लिए एनएचएआई ने एक और बड़ी योजना तैयार की है। इस पूरे रूट पर करीब 20 से ज्यादा ऐसे पॉइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां स्थानीय लोगों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा अवैध कट बना लिए गए हैं। इन अवैध रास्तों से अचानक वाहनों के एक्सप्रेसवे पर आ जाने के कारण अक्सर पीछे से आ रही तेज रफ्तार गाड़ियां आपस में टकरा जाती हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि टूटी हुई रेलिंग वाले स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाने का काम संपन्न होते ही जिला प्रशासन की मदद से एक व्यापक अभियान चलाकर इन सभी अवैध कटों को स्थाई रूप से बंद कर दिया जाएगा।

स्थायी समाधान के लिए प्राधिकरण ने कसी कमर

परियोजना से जुड़े शीर्ष अधिकारियों और नवनियुक्त परियोजना निदेशक का कहना है कि एक्सप्रेसवे से जुड़ी यात्रियों की तमाम तकनीकी और ढांचागत समस्याओं का अब एक-एक कर स्थाई निवारण किया जा रहा है। कंक्रीट और लोहे से बने ये आधुनिक क्रैश बैरियर अत्यधिक मजबूत होते हैं, जो भारी वाहनों की भीषण टक्कर को भी आसानी से सोखने की क्षमता रखते हैं। हाईवे अथॉरिटी ने आम जनता को भरोसा दिलाया है कि आने वाले कुछ ही दिनों के भीतर पूरे एक्सप्रेसवे को सुरक्षित और सुगम बना दिया जाएगा ताकि बारिश या रात के अंधेरे में भी लोग बिना किसी डर के सफर कर सकें।

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