त्योहारी सीजन में स्वास्थ्य सेवाओं का इंतजाम, रायपुर में इमरजेंसी व्यवस्था 24 घंटे सक्रिय

रायपुर। प्रकाश के पर्व दीपावली को ध्यान में रखते हुए रायपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। त्योहार के दौरान किसी भी संभावित अप्रिय घटना या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने चिकित्सालय के सभी प्रमुख विभागों, डॉक्टरों और कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के सख्त निर्देश जारी किए हैं, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।

जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक और मेडिकल स्टाफ को अलर्ट

अस्पताल प्रबंधन ने दीपावली के दौरान जलने, दुर्घटनाओं या अन्य स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन समस्याओं से पीड़ित मरीजों के त्वरित इलाज के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। अस्पताल अधीक्षक ने आपातकालीन विभाग के साथ-साथ सभी प्रमुख वार्डों को तैयार रहने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही आवश्यक दवाओं, इंजेक्शनों, बर्न यूनिट के सामान और अन्य जीवन रक्षक चिकित्सा सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी मरीज को दवा की कमी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों को पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी पर तैनात रहने के आदेश दिए गए हैं।

दीपावली पर्व पर ओपीडी सेवाओं का शेड्यूल

त्योहार के दौरान अस्पताल की बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवाओं की समय-सारणी में आंशिक बदलाव किया गया है। 7 नवंबर (शनिवार) यानी छोटी दीपावली के दिन ओपीडी सेवाएं आम दिनों की तरह पूरी तरह से नियमित रूप से संचालित होंगी। इसके पश्चात 8 नवंबर (रविवार) को दीपावली का मुख्य पर्व और 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा का सार्वजनिक अवकाश होने के कारण अस्पताल का ओपीडी विभाग पूरी तरह से बंद रहेगा। दो दिनों के इस अवकाश के बाद 10 नवंबर (मंगलवार) से ओपीडी सेवाएं पुनः अपने निर्धारित समय पर नियमित रूप से चालू कर दी जाएंगी।

चौबीसों घंटे निर्बाध जारी रहेंगी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं

ओपीडी बंद रहने की अवधि के दौरान भी अस्पताल परिसर में 24 घंटे चलने वाली आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं (इमरजेंसी) पूरी तरह से चालू रहेंगी। अस्पताल प्रबंधन ने यह सुनिश्चित किया है कि त्योहार के दिनों में गंभीर स्थिति में आने वाले किसी भी मरीज के इलाज में रत्ती भर भी विलंब न हो। कैजुअल्टी और इमरजेंसी वार्ड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की स्पेशल टीमें तैनात कर दी गई हैं जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत उपचार शुरू करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहेंगी।

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