नई दिल्ली। वैश्विक फास्ट फूड उद्योग से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी आर्थिक खबर सामने आई है, जहां दुनिया की सबसे मशहूर और अग्रणी पिज्जा चेन 'पिज्जा हट' अब बिकने जा रही है। पिज्जा हट, केएफसी और टाको बेल जैसे दिग्गज ब्रांड्स का संचालन करने वाली मूल (पेरेंट) कंपनी 'यम ब्रांड्स' ने आखिरकार पिज्जा हट को पूरी तरह से बेचने का आधिकारिक फैसला ले लिया है। बाजार के विश्लेषकों के अनुसार, यह ऐतिहासिक और मेगा डील करीब 2.7 अरब डॉलर (भारतीय मुद्रा में अरबों रुपये) में तय हुई है। वैश्विक स्तर पर उपभोक्ताओं की बदलती पसंद, खान-पान की नई आदतें, फास्ट फूड बाजार में तेजी से बढ़ती कड़ी प्रतिस्पर्धा और पिछले कई वित्तीय वर्षों से लगातार कमजोर होती बिक्री के दबाव के चलते पैरेंट कंपनी को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है। इस सौदे को वैश्विक रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के इतिहास के अब तक के सबसे बड़े और दूरगामी सौदों में से एक माना जा रहा है।
दो कॉर्पोरेट हिस्सों में बंटेगा पिज्जा हट का साम्राज्य और अरबों डॉलर की हिस्सेदारी
इस बड़े बिजनेस सौदे के तहत पिज्जा हट के वैश्विक साम्राज्य को दो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित कर बेचा जा रहा है। तय शर्तों के मुताबिक, 'यम चाइना होल्डिंग्स' नामक कंपनी चीन के भीतर संचालित होने वाले पिज्जा हट के पूरे कारोबार को 1.2 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि में अधिग्रहित (परचेज) करेगी। वहीं, चीन के अलावा दुनिया के बाकी तमाम देशों में फैले इसके विशाल वैश्विक व्यापारिक नेटवर्क को एक प्रमुख निजी इक्विटी फर्म 'लॉन्ग रेंज कैपिटल' (LongRange Capital) द्वारा 1.5 अरब डॉलर में खरीदा जाएगा। कॉर्पोरेट जगत के सूत्रों का कहना है कि विभिन्न देशों की आवश्यक सरकारी और नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद इस सौदे के वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरी तरह से संपन्न होने की प्रबल उम्मीद है।
बाजार की कड़ी चुनौतियां, बदलती जीवनशैली और बिक्री में लगातार बड़ी गिरावट
यदि इस ब्रांड को बेचने के पीछे की मुख्य वजहों पर गौर करें, तो पिज्जा हट पिछले काफी समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में खान-पान के बदलते तौर-तरीकों और नए ब्रांड्स की आक्रामक प्रतिस्पर्धा के कारण अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही थी। वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई और कच्चे माल की आसमान छूती कीमतों ने भी पिज्जा के मुनाफे और मार्जिन पर भारी दबाव बना दिया था। इसके अतिरिक्त, आधुनिक दौर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ता अब जंक फूड के बजाय पौष्टिक और स्वस्थ भोजन के विकल्पों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं, जिससे इसके पारंपरिक डाइनिंग मॉडल को बड़ा झटका लगा। ऑनलाइन फूड डिलीवरी एग्रीगेटर्स के आ जाने से भी पिज्जा हट के रेवेन्यू को काफी नुकसान पहुंचा। कई तिमाहियों तक लगातार घाटा उठाने के बाद यम ब्रांड्स ने इसे बेचने की रूपरेखा तैयार की थी।
केएफसी और टाको बेल पर रहेगा पूरा फोकस तथा पिज्जा हट का गौरवमयी इतिहास
यम ब्रांड्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) क्रिस टर्नर ने इस रणनीतिक सौदे पर अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि इस विनिवेश से कंपनी को अपने अन्य अत्यधिक सफल और मुनाफे वाले ब्रांडों पर अपनी पूरी ऊर्जा और संसाधन केंद्रित करने में बड़ी मदद मिलेगी। पिज्जा हट के अलग होने के बाद यम ब्रांड्स के पास मुख्य रूप से केएफसी (KFC) और टाको बेल (Taco Bell) जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स का स्वामित्व रह जाएगा, जिनका हालिया वित्तीय प्रदर्शन और विकास दर बेहद शानदार रही है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की बात करें, तो पिज्जा हट को 1977 में पेप्सीको द्वारा खरीदा गया था, जिसे बाद में 1997 में ट्राइकोन ग्लोबल रेस्टोरेंट्स के तहत लाया गया, जो आगे चलकर 2002 में यम ब्रांड्स के रूप में स्थापित हुआ। दशकों तक इस ब्रांड ने पूरी दुनिया में आधुनिक पिज्जा डाइनिंग संस्कृति को घर-घर तक लोकप्रिय बनाने में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी भूमिका निभाई है।

