सूडान (SUDAN WAR) में चल रहे भीषण संघर्ष में 500 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है . दुनियाभर के देश ने अपने अपने राजनायिकों को वहां से निकालना शुरु कर दिया है. भारत ने भी सूडान (SUDAN WAR) में फंसे अपने नागरिकों के निकालने के लिए ऑपरेशन कावेरी शुरु कर दिया है.
सूडान के बिगड़ते हालात के बीच भारत सरकार ने शुरु किया आपरेशन कावेरी. आपरेशन कवेरी के तहत पहला जत्था स्वदेश के लिए रवाना हुआ.#sudan_update #Sudan pic.twitter.com/bDyKQMeaXo
— THEBHARATNOW (@thebharatnow) April 25, 2023
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने जानकारी देते हुए बताया है कि सूडान (SUDAN WAR) में फंसे भारतीयों को निकालने का काम शुरु कर दिया गया है . ऑपरेशन कवेरी के तहत सूडान के बंदरगाह से 278 लोगों का पहला जत्था रवाना हो गया है . नागरिकों को लाने के लिए INS सुमेधा को लगाया गया है. INS सुमेधा 278 लोगों को लेकर जेद्दाह के लिए निकल गया है. इन नागिरकों को जेद्दाह होते हुए भारत लाया जायेगा.
First batch of stranded Indians leave Sudan under #OperationKaveri.
INS Sumedha with 278 people onboard departs Port Sudan for Jeddah. pic.twitter.com/4hPrPPsi1I
— Arindam Bagchi (@MEAIndia) April 25, 2023
भारत सरकार ने श्रीलंकन नागरिकों को निकालने के लिए की पेशकश
सूडान में हिंसा के बीच भारत के आलावा पड़ोसी देशों के नागरिक भी फंसे हुए हैं. भारत ने अपने नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन कावेरी शुरु किया है. सूडान में भारत के अलावा पड़ोसी देशों के नागरिक भी फंसे हुए हैं. इस देखते हुए भारत ने श्रीलंका के नागरिकों को भी वहां से निकालने में मदद करने की पेशकश की है. श्रीलंका ने भारत की इस पेशकश की सरहाना की है. श्रीलंका ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि वे लोग अपने नागरिको के वहां से निकाल लेंगे.
सूडान में दिन बढ़ने के साथ साथ सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच हिंसा बढ़ती जा रही है. जानकारी के मुताबिक अब तक 500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके है. अंतर्राष्ट्रीय प्रयास के बाद 72 घंटों के लिए युद्ध विराम की घोषणा की गई है. जिन देशों के नागरिक वहां फंसे हुए हैं उन्हें 72 घंटों में निकालने के प्रयास जारी है. भारत के करीब 500 सौ नागरिक बंदरगाह पर मौजूद है. इनमें से एक जत्था वहां से निकल चुका है.

