भोपाल : अफ्रीकी देश सूडान सिविल वार की आग में झुलस रहा है.यहां सेना और रैपिड सपोर्ट फोर्सेस के बीच लड़ाई चल रही है. लड़ाई में अब तक 185 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. सूडान में चल रही इस सिविल वार में भोपाल का युवक भी फंसा हुआ है. युवक के परिवार ने भारत सरकार से उसे वापस लाने के लिए मदद की गुहार लगाई है. 23 साल के कारोबारी जयंत केवलानी के परिवार का कहना है कि वो राजधानी खार्तूम में फँसा हुआ है.

राजधानी खार्तून में बिगड़े हालात
राजधानी खार्तूम में फँसे जयंत ने अपने परिवार को बताया की वहाँ हालत दिन पर दिन ख़राब होते जा रहे हैं. गोलियों बम की आवाज़ लगातार आ रही हैं. वो बीते कई दिनों से दो अन्य भारतीयों के साथ एक फ़्लैट में बंद हुए हैं. जहां 4 दिनों से लाइट नहीं हैं. खाने पीने के समान भी ख़त्म हो गया है.जिस बिल्डिंग में रह रहे हैं,ठीक उसके सामने ही मिलिट्री कैम्प है. जयंत की माँ तमन्ना केवलानी ने बताया की जयंत 20 अप्रैल को सूडान से लौटने वाले थे, लेकिन वहाँ एयरपोर्ट को भी नुक़सान पहुँचा गया है.तमन्ना केवलनी को यही चिंता सता रही है कि उनके बेटे की घर वापसी कब होगी.
इंपोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस करते हैं जयंत
भोपाल के बैरागढ़ के रहने वाले जयंत चने और तूअर दाल का इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का बिजनेस करते हैं. जयंत का पूरा परिवार भोपाल के बैरागढ़ में रहता है. मार्च में जयंत सूडान में बिजनेस मीटिंग में शामिल होने गए थे. 20 अप्रैल को लौटने वाले थे, तभी 15 अप्रैल को लड़ाई शुरू हो गई और अब फंस गये हैं.
बेटे को घर वापस लाने के लिए परिवार लगा रहा है सरकार से गुहार
कारोबारी जयंत का परिवार इस समय किसी अनहोनी की आशँका से परेशान है. परिवार के लोग भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि सरकार किसी तरह दखल देकर अपने नागिरक को वापस लेकर आये.

