Additional buses Raksha Bandhan लखनऊ : रक्षाबंधन के त्योहार पर उत्तर प्रदेश में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए योगी सरकार ने परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है. बहनों को भाइयों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए 26 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा. परिवहन निगम की अधिक से अधिक बसों को सड़क पर उतारने के निर्देश दिए गए हैं.
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को त्योहार के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. रक्षाबंधन से पहले और बाद में यात्रियों की संख्या में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए बस संचालन और निगरानी दोनों को मजबूत किया जाएगा.
Additional buses Raksha Bandhan:रक्षाबंधन पर शत-प्रतिशत बसें ऑनरोड रखने के निर्देश
परिवहन निगम को निर्देश दिया गया है कि रक्षाबंधन के दौरान अधिकतम संभव बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए. इसके लिए परिवहन निगम की शत-प्रतिशत बसों को ऑनरोड रखने की तैयारी की गई है.
यात्रियों की मांग के अनुसार लखनऊ, कानपुर और प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों के लिए अतिरिक्त सेवाएं संचालित की जाएंगी. खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस रूट पर बसों की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है.
दिल्ली से पूर्वांचल तक बढ़ेगी बसों की कनेक्टिविटी
त्योहार के दौरान दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रहती है. इसे देखते हुए परिवहन निगम ने प्रमुख रूटों पर बस संचालन बढ़ाने की योजना बनाई है.
दिल्ली से मुरादाबाद-बरेली होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश और दिल्ली से अलीगढ़-कानपुर होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बसों के संचालन में जरूरत के अनुसार मौजूदा प्रतिबंधों में छूट देने का प्रावधान किया गया है.
इसका उद्देश्य यात्रियों की वास्तविक मांग के अनुसार बसें उपलब्ध कराना है, ताकि भीड़ वाले रूटों पर यात्रियों को लंबे समय तक बस का इंतजार न करना पड़े.
24 घंटे चलेगा कंट्रोल रूम
रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की सुविधा और बस संचालन की निगरानी के लिए 24 घंटे संचालित होने वाला कंट्रोल रूम बनाया जाएगा.
कंट्रोल रूम के जरिए बसों के संचालन, यात्रियों की समस्याओं और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी. भीड़ वाले बस स्टेशनों पर पर्यवेक्षकों की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
डिपो और क्षेत्रीय स्तर के अधिकारी भी बस संचालन और यात्री सुविधाओं की नियमित निगरानी करेंगे.
बस अड्डों पर साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल बसों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बस अड्डों पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं भी मिलनी चाहिए.
इसके तहत सभी बसों और बस स्टेशनों पर:
- साफ-सफाई की व्यवस्था
- स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता
- यात्री प्रतीक्षालयों में पर्याप्त रोशनी
- पंखों की व्यवस्था
- बस संचालन की सूचना यात्रियों तक पहुंचाने की व्यवस्था
सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
परिवहन कर्मचारियों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
रक्षाबंधन के दौरान लगातार ड्यूटी करने वाले चालक-परिचालकों और तकनीकी कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना भी लागू की गई है.
छह दिनों के दौरान निर्धारित शर्तों के साथ 1,800 किलोमीटर बस संचालन पूरा करने वाले पात्र चालक-परिचालकों को 1,200 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
वहीं, संविदा चालक-परिचालकों के लिए 1,800 किलोमीटर से अधिक बस संचालन करने पर अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 55 पैसे प्रति किलोमीटर की अतिरिक्त राशि देने का प्रावधान किया गया है.
तकनीकी कर्मचारियों को भी मिलेगा प्रोत्साहन
डिपो और क्षेत्रीय कार्यशाला में छह दिनों तक प्रतिदिन उपस्थित रहने वाले पात्र तकनीकी कर्मचारियों को 500 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.
हालांकि चालक-परिचालकों के लिए प्रोत्साहन योजना की पात्रता को 64 प्रतिशत से अधिक लोड फैक्टर से जोड़ा गया है. यानी बसों में यात्रियों की वास्तविक संख्या और संचालन से जुड़े मानकों को भी योजना में शामिल किया गया है.
बस स्टेशनों की व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों के लिए भी प्रावधान
चिन्हित बस स्टेशनों पर बेहतर यात्री सुविधाएं और संचालन व्यवस्था बनाए रखने वाले कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए 90 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है.
परिवहन निगम के एमडी प्रभु एन. सिंह ने क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश दिया है कि यात्रियों की मांग बढ़ने पर तत्काल बस संचालन बढ़ाया जाए.
छुट्टियों पर रहेगी रोक
रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की संख्या को देखते हुए परिवहन निगम के कर्मचारियों की छुट्टियों पर भी रोक रहेगी. इसका उद्देश्य पर्याप्त संख्या में चालक, परिचालक और तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि अधिक से अधिक बसों का संचालन किया जा सके.
सरकार की योजना का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है.
बहनों की यात्रा आसान बनाने की तैयारी
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार दूसरे शहरों से अपने घरों की ओर यात्रा करते हैं. ऐसे में बसों की कमी और भीड़ के कारण यात्रियों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है.
26 से 31 अगस्त तक अतिरिक्त बसों के संचालन, 24 घंटे कंट्रोल रूम, बस स्टेशनों पर अधिकारियों की मौजूदगी और कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन योजना से परिवहन व्यवस्था को सुचारु रखने की कोशिश की जा रही है.
योगी सरकार का दावा है कि त्योहार के दौरान बहनों और अन्य यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन निगम को अधिकतम बसें सड़क पर उतारने और मांग के अनुसार तत्काल अतिरिक्त सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.

