Opposition March: अडानी मामले को लेकर विपक्षी सांसदों का मार्च, विजय चौक पर विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया गया

दिल्ली पुलिस ने विजय चौक पर प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया है. लोकसभा में वित्त विधयक 2023 होने के बाद सदन को स्थगित करने से नाराज़ विपक्षी सांसद एक साथ मार्च कर रहे थे. दोनों सदनों में नहीं बोलने दिए जाने और जेपीसी की मांग को लेकर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में सभी विपक्ष के सांसदों का ‘मोदी-शाही’ के खिलाफ पार्लियामेंट हाउस से विजय चौक तक मार्च निकाला था. उनका कहना है कि विपक्ष इस सरकार की तानाशाही के खिलाफ लड़ता रहेगा और PM मोदी को अडानी महाघोटाले पर जवाब देना ही होगा.

वहीं संसद परिसर के बाहर दिल्ली पुलिस ने विपक्षी मार्च को देखते हुए भारी पुलिस बंदोबस्त किया है. पुलिस का कहना है कि यहां धारा 144 लगी है इसलिए यहां धरना-प्रदर्शन करना मना है. पुलिस ने विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर बसों में बैठा लिया है.

संसद में सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस की बैठक

इससे पहले आज संसद भवन में CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस संसदीय दल की बैठक हुई. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी सहित संसदीय दल के सदस्य मौजूद रहे.

नड्डा के ओबीसी अपमान वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार

वहीं शुक्रवार सुबह से बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा का वो बयान सुर्खियों में बना हुआ है जिसमें उन्होंने सूरत कोर्ट से मिली सज़ा को असल में ओबीसी समाज का अपमान करार दिया था. अब कांग्रेस ने इसका जवाब दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा है कि, “अडानी पर JPC से भागने के नित नए बहाने ढूंढ रही है मोदी सरकार. बैंक और जनता के पैसे लेकर नीरव मोदी, ललित मोदी, मेहुल चोकसी भागे , मोदी सरकार उनका बचाव क्यों कर रही है? पहले चोरी में सहयोग फिर जातिगत राजनीति का प्रयोग… शर्मनाक है! “

वहीं कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी बीजेपी अध्यक्ष को जवाब दिया है. जयराम रमेश ने ट्वीट किया, “JP नड्डा हमेशा की तरह तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहे हैं और बदनाम करने की राजनीति कर रहे हैं. वे ऐसा करके नीरव मोदी और ललित मोदी का बचाव कर रहे हैं. इस सच को सामने आना ही था और अब आ गया है. आपकी ईमानदारी के लिए धन्यवाद नड्डाजी. अब कृपया अडानी पर भी थोड़ी ईमानदारी दिखाएं.”

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