INDIA ब्लॉक के तहत विपक्षी पार्टियां शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर एक नकली संसद सत्र mock parliament करेंगी, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सांकेतिक रूप से “महाभियोग” लगाया जाएगा. साथ ही, चुनाव अधिकारियों पर लोकतांत्रिक सुरक्षा उपायों को कमज़ोर करने का आरोप लगाते हुए अपने अभियान को तेज़ किया जाएगा.
मल्लिकार्जुन खड़गे पेश करेंगे ज्ञानेश कुमार के खिलाफ “महाभियोग”
तय सेशन में कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसके बाद कार्यवाही दूसरे लोगों के लिए खोली जाएगी. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आखिरी भाषण देंगे.
Mock parliament की स्पीकर होंगी मीरा कुमार
पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार मॉक पार्लियामेंट की कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगी. यह साफ़ नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या CEC ज्ञानेश कुमार की भूमिका कोई और निभाएगा की नहीं.
शुरू में, प्लान था कि तीन MP एक परफ़ॉर्मेंस देंगे, लेकिन कांग्रेस लीडरशिप को इस पर दोबारा सोचना पड़ा.
एक सीनियर कांग्रेस लीडर ने कहा कि उन्होंने शुरू में मॉक पार्लियामेंट में हिस्सा लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पुराने जजों और कानून के जानकारों को बुलाने का प्लान बनाया था, लेकिन कम से कम पांच पुराने जजों ने शो में शामिल होने से मना कर दिया.
शुक्रवार को दोपहर 3.30 बजे से शुरु होगी mock parliament
कुमार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक महाभियोग कार्यवाही के तौर पर सोचे गए मॉक पार्लियामेंट सेशन, खड़गे के घर 10, राजाजी मार्ग पर दोपहर 3.30 बजे होंगे. विपक्ष ने कहा कि उन्हें अशोका होटल और उसके बाद रामलीला मैदान में मॉक सेशन करने की परमिशन नहीं दी गई, जहां उन्होंने 1 नवंबर को एक बड़ा प्रोटेस्ट करने का प्लान बनाया है.
कौन-कौन होगा mock parliament में शामिल
एक सीनियर कांग्रेस लीडर ने कहा, “सभी विपक्षी MP, पार्टी लीडर, सिविल सोसाइटी के जाने-माने चेहरे, स्टूडेंट लीडर और कुछ लोग जिनके नाम SIR में हटा दिए गए हैं, वे मॉक सेशन में शामिल होंगे.”
विपक्ष कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर उन्हें हटाने और 2023 के उस कानून को रद्द करने की मांग की है जो CEC और चुनाव कमिश्नरों को छूट देता है. इसने CEC पर वोटर लिस्ट में चल रहे बदलाव के दौरान “एकतरफा और मनमाने ढंग से सामूहिक शक्तियों का इस्तेमाल” करने का आरोप लगाया है.
कैसे होता है CEC का महाभियोग
कानून के तहत, CEC को संसद सुप्रीम कोर्ट के जज के इंपीचमेंट जैसी प्रक्रिया से हटा सकती है. CEC या चुनाव कमिश्नर राष्ट्रपति को लिखकर इस्तीफा भी दे सकते हैं.
कांग्रेस ने पिछले महीने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से जुड़े फैसलों पर दो इलेक्शन कमिश्नरों की आपत्तियों पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद कुमार के खिलाफ नया इंपीचमेंट मोशन लाने के प्लान का ऐलान किया था, लेकिन बाद में पॉलिटिकल प्रोग्राम और पब्लिक आउटरीच चुनने का फैसला किया.
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मॉक सेशन की इजाज़त न देने का मकसद विपक्ष की पॉलिटिकल लामबंदी को रोकना था, जबकि जगह बदलना उनकी इस बड़ी दलील का हिस्सा है कि सरकार उनके कैंपेन में रुकावट डाल रही है.
क्या है mock parliament का मकसद
इस एक्सरसाइज का मकसद विपक्ष को इलेक्शन कमीशन के खिलाफ अपने आरोप पेश करने के लिए एक प्लेटफॉर्म देना और 1 नवंबर को वोट चोरी के खिलाफ अपनी रैली के लिए मोमेंटम बनाना है.
साथ ही शुक्रवार की कार्यवाही का मकसद आम वोटरों की चिंताओं को भी पॉलिटिकल बहस में लाना है. जो लोग कहते हैं कि उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, उनसे उम्मीद की जाती है कि उन्हें अपने अनुभव बताने का मौका दिया जाएगा, साथ ही विपक्षी MPs और कानूनी जानकारों की दलीलें भी सुनी जाएंगी.
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