समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान Azam Khan और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने इस मामले में दोनों नेताओं को मिली जेल की सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है. इसके साथ ही, अदालत ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम दोनों की जमानत अर्जी को भी मंजूर कर लिया है. यह फैसला न्यायाधीश समित गोपाल की एकल पीठ ने सुनाया.
दोषसिद्धि पर रोक लगाने से कोर्ट का इनकार
हलांकि अदालत ने जहां एक तरफ दोनों नेताओं की जेल की सजा को निलंबित किया है, वहीं दूसरी तरफ उनकी दोषसिद्धि पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है. इसका मतलब यह है कि उनकी सजा पर तो रोक रहेगी, लेकिन कानूनन वे इस मामले में अभी भी दोषी माने जाएंगे.
क्या है दो पैन कार्ड का मामला?
यह पूरा विवाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग जन्मतिथियां दर्शाकर दो पैन कार्ड बनवाने और उनका इस्तेमाल करने से जुड़ा है. इस मामले में रामपुर के भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप था कि आजम खान ने साजिश रचकर अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के लिए दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाए थे. रामपुर की एमपी-एमएलए (MP-MLA) अदालत ने पहले उन्हें इस मामले में 7 साल की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया था.
Azam Khan के जेल से रिहाई पर क्या होगा असर?
हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो सकता है. हालांकि, आजम खान के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED), विजिलेंस विभाग और कई अन्य आपराधिक मामले लंबित हैं, जिसके कारण उनकी तत्काल रिहाई अन्य अदालती मामलों के फैसलों पर निर्भर करेगी.

