15 साल बाद ममता बनर्जी की विदाई तय,थोड़ी देर में राज्यपाल को सौंप सकती हैं इस्तीफा

Mamta Banergee कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक युग का अंत होता नजर आ रहा है. 15 साल तक सत्ता के शिखर पर रहने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कुर्सी जाती दिख रही है. ताजा रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक बढ़त बना ली है, जिसके बाद सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी जल्द ही राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात कर सकती हैं और अपना इस्तीफा सौंप सकती हैं. हलांकि ममता बैनर्जी ने खुद एक वीडियो जारी करके अपने समर्थकों को ये संदेश दिया है कि वो काउंटिंग के आखिरी वक्त तक इंतजार करेंगी. अपने समर्थकों से भी कहा कि वे लोग काउंटिंग सेंटर्स पर आखिर तक टिके रहें. फैसला 17-18 राउंड के बाद समझ आयेगा. शुरु में आये रुझानों से किसी को हताश होने की जरुरत नहीं हैं.

Mamta Banergee को झटका, रुझानों में भाजपा की ‘सुनामी’

मतगणना के जो ताजा आंकड़े सामने आ रहे हैं,उन्होंने राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है. दोपहर बाद तक के रुझानों के अनुसार:

  • BJP: 165+ सीटों पर बढ़त बनाए हुए है (बहुमत का आंकड़ा 148 है).

  • TMC: महज 117 सीटों के आसपास सिमटती दिख रही है.

चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी अब तक 9 सीटें जीत चुकी है और 189 पर आगे चल रही है. वहीं, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) केवल एक सीट जीतने में कामयाब रही है और 88 पर बढ़त बनाए हुए है.

मोंतेश्वर में BJP की बड़ी जीत, भगवानगोल में TMC ने बचाई लाज

चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर दो सीटों के परिणाम घोषित कर दिए हैं:

  1. मोंतेश्वर विधानसभा: यहाँ बीजेपी के सैंकत पांजा ने टीएमसी उम्मीदवार को 14,798 वोटों से हराकर कमल खिलाया है।

  2. भगवानगोल विधानसभा: यहाँ टीएमसी के रेयात हुसैन सरकार ने 56,407 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज कर पार्टी को थोड़ी राहत दी है।

ममता बनर्जी का ‘वेट एंड वॉच’ संदेश

भारी एंटी-इंकंबेंसी और पिछड़ने के बावजूद ममता बनर्जी ने हार नहीं मानी है. उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा है, “इंतजार करें और देखें”. ममता खुद अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से चुनाव लड़ रही हैं, जहाँ मुकाबला बेहद दिलचस्प बना हुआ है. हालांकि, राज्य के समग्र रुझान स्पष्ट रूप से सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा कर रहे हैं.

संवैधानिक प्रक्रिया और इस्तीफे की सुगबुगाहट

मुख्यमंत्री का राज्यपाल से मिलना एक महत्वपूर्ण संवैधानिक कदम है. यदि रुझान अंतिम नतीजों में तब्दील होते हैं और टीएमसी बहुमत खो देती है, तो ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा. इसके बाद राज्यपाल राज्य में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे.

अगर बीजेपी यह चुनाव जीतती है, तो यह बंगाल के इतिहास में पहली बार होगा जब भगवा दल राज्य की सत्ता संभालेगा. 2011 में जिस तरह ममता ने 34 साल के वामपंथी शासन को उखाड़ फेंका था, आज 15 साल बाद वैसा ही कुछ उनके साथ होता दिख रहा है.

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