TMC में मचा सियासी भूचाल, दो विधायकों का निष्कासन; अभिषेक बनर्जी पर उठे सवाल

TMC MLA Expelled:  पश्चिम बंगाल  में ममता सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी में घमासान मचा हुआहै. एक तरफ भाजपा ने टीएमसी के खिलाफ सड़क तक पर संग्राम छेड़ रखा है, वहीं अब टीएमसी के भीतर भी उठापटक शुरु हो गई है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पार्टी लाइन के खिलाफ होने के मामले में  अपने ही दो विधायकों ऋतोब्रता बनर्जी(Ritobrata Banerjee) और संदीपन साहा (Sandipan Saha) को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है और टीएमसी के भीतर अब तक कुंद पड़ा आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आने लगा है.

TMC MLA Expelled :किन विधायकों पर हुई कार्रवाई?

तृणमूल कांग्रेस ने उलुबेरिया पूर्व से विधायक ऋतोब्रता बनर्जी और एंटाली से विधायक संदीपन साहा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. पार्टी की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद दोनों नेताओं के समर्थकों में भी नाराजगी देखी जा रही है.

संदीपन साहा ने लगाए गंभीर आरोप

निष्कासन के बाद संदीपन साहा ने पार्टी के अंदर कथित अनियमितताओं को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं. उनका आरोप है कि एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में उन लोगों के हस्ताक्षर शामिल किए गए जिनकी बैठक में मौजूदगी ही नहीं थी.

उन्होंने कहा कि यह केवल तकनीकी गलती नहीं बल्कि एक गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए.

अभिषेक बनर्जी की भूमिका पर सवाल

संदीपन साहा ने दावा किया कि इस पूरे विवाद में अभिषेक बनर्जी का नाम इसलिए सामने आ रहा है क्योंकि उन्होंने पार्टी के महासचिव के तौर पर संबंधित विधायकों की सूची पर हस्ताक्षर किए थे.

उनका कहना है कि जिस सूची को मंजूरी दी गई, उसमें कई तरह की त्रुटियां और विसंगतियां थीं. ऐसे में सूची की जांच और सत्यापन की जिम्मेदारी निभाने वाले नेताओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

साहा ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी इस जिम्मेदारी का निर्वहन सही तरीके से नहीं कर पाए, जिसके कारण विवाद और गहरा गया.

विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंची थी शिकायत

इस पूरे मामले को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया था कि संदीपन साहा और ऋतोब्रता बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत भेजी थी.

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नेता प्रतिपक्ष के चुनाव से जुड़े प्रस्ताव को तृणमूल कांग्रेस की ओर से जिस तरीके से जमा किया गया, उसमें कई अनियमितताएं और प्रक्रियागत खामियां थीं.

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल

हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति लगातार उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है. कुछ ही समय पहले अभिषेक बनर्जी पर कथित हमला हुआ था. इसके अगले ही दिन टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर भी हमले की घटना सामने आई.

लगातार हो रही इन घटनाओं ने राज्य की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी के भीतर असंतोष और गुटबाजी बढ़ रही है.

ये भी पढ़े :- तृणमूल कांग्रेस के 80 में से 61 विधायक ममता बनर्जी की विधायक दल की…

ममता बनर्जी के लिए बढ़ी चुनौती

दो विधायकों के निष्कासन और पार्टी के भीतर उठ रहे सवालों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है. विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार टीएमसी पर हमलावर है, जबकि पार्टी नेतृत्व नुकसान नियंत्रण की कोशिशों में जुटा हुआ है.

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि तृणमूल कांग्रेस इस विवाद से कैसे निपटती है और क्या पार्टी के अंदर उठ रहे असंतोष को शांत कर पाती है या नहीं.

Latest news

Related news