Akhilesh Yadav: उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को ‘सर्वेंट’ कहने पर बीजेपी नाराज़, अखिलेश यादव ने पूछा- गवर्नमेंट सर्वेंट नहीं हैं पाठक?

राजनेता तो खुद को जनता के सेवक बताने में फर्क महसूस करते है. पीएम मोदी तो खुद को चौकीदार बताते है लेकिन यूपी बीजेपी को अखिलेश यादव का उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सर्वेंट कहना बुरा लग गया. SP प्रमुख अखिलेश यादव के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को ‘सर्वेंट’ बताए जाने वाले बयान पर उत्तर प्रदेश बीजेपी चीफ भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा, “समाजवादी पार्टी के नेता के लिए ये कोई नई बात नहीं है… सार्वजनिक जीवन में ब्रजेश पाठक एक वरिष्ठ नेता हैं. वह विधायक भी रहे हैं और सांसद भी, पिछली सरकार में मंत्री भी थे और अब उपमुख्यमंत्री हैं. इतने प्रतिष्ठित नेता के लिए राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके व्यक्ति का ऐसा व्यवहार अशोभनीय और निंदनीय है.”


बृजेश पाठक क्या गवर्नमेंट सर्वेंट नहीं हैं-अखिलेश यादव

वहीं अखिलेश यादव भी अपने बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि बीजेपी बताए, “क्या गवर्नमेंट सर्वेंट नहीं हैं, उन्हें तो ये बताना चाहिए था कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के नाम पर जो म्यूजियम बना उस पर ताला किसने लगाया? किसी अस्पताल में गरीब का इलाज नहीं हो रहा, ना दवाई मिल रही है. डेंगू जैसी बीमारी से गरीब को नहीं बचा पा रहे। एक भी जगह मेडिकल कॉलेज में…”


दीवाली आ रही कम-से-कम सुतली बम ही बना दो-अखिलेश यादव

वैसे समाजवादी पार्टी प्रमुख एक के बाद एक ऐसे बयान देते है जिससे बीजेपी को मिर्ची लगना जायज है. अब उन्होंने सीएम योगी आदित्या नाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट इन्वेस्टमेंट समिट पर निशाना साधा है. अखिलेश ने कहा, “बड़े-बड़े निवेश, उद्योगपति आए थे… आज वह निवेश ज़मीन पर उतरे? कहीं कारखाने, उद्योग लगे हों तो बताएं. प्रधानमंत्री जी बुंदेलखंड में गए उन्होंने वहां से मिसाइल, टैंक, गोले बनने की बात कही थी. हम कह रहे हैं कि दीवाली आ रही कम-से-कम सुतली बम ही बना दो.”

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