Ranchi Development Hemant Soren रांची: झारखंड की राजधानी रांची को व्यवस्थित, सुगम और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में हेमंत सोरेन सरकार ने कमर कस ली है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पथ निर्माण विभाग की योजनाओं और परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की. बैठक में रांची के रोड नेटवर्क, फ्लाईओवर, पार्क, चौक-चौराहों, ट्रैफिक व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम और चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए. उन्होंने कहा कि रांची के बढ़ते विस्तार और आबादी को ध्यान में रखते हुए केवल मौजूदा समस्याओं का समाधान पर्याप्त नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक और समग्र योजना तैयार करनी होगी.
Ranchi Development Hemant Soren : रोड नेटवर्क और फ्लाईओवर पर फोकस
समीक्षा बैठक में रांची के मौजूदा रोड नेटवर्क और फ्लाईओवर परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सड़क एवं परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम करने को कहा.
सरकार का जोर ऐसे रोड नेटवर्क पर है, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन आसान हो और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके. इसके लिए सड़क निर्माण के साथ-साथ चौक-चौराहों, फ्लाईओवर और सार्वजनिक परिवहन को एकीकृत तरीके से देखने पर जोर दिया गया.
मुख्यमंत्री ने पिछले पांच वर्षों में तैयार की गई सड़क संबंधी कार्ययोजनाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों से भविष्य की जरूरतों के अनुरूप रोड नेटवर्क को विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा.
सड़क के साथ ड्रेनेज, जलजमाव पर तकनीकी अध्ययन के निर्देश
रांची में बारिश के दौरान होने वाले जलजमाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ड्रेनेज सिस्टम को सड़क निर्माण का अभिन्न हिस्सा बनाने का निर्देश दिया है.
उन्होंने कहा कि नई सड़क परियोजनाओं की डिजाइन तैयार करते समय ही दोनों किनारों पर वैज्ञानिक और पर्याप्त जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. सड़क और ड्रेनेज को अलग-अलग परियोजना के तौर पर देखने के बजाय दोनों का एकीकृत डिजाइन तैयार करने पर जोर दिया गया.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जलजमाव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां तकनीकी अध्ययन कराने को कहा. जिन पुरानी सड़कों पर जल निकासी की समस्या है, वहां भी जरूरत के मुताबिक ड्रेनेज नेटवर्क को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं.
सड़क के साथ पैदल यात्रियों के लिए भी जगह
मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण के दौरान सिर्फ वाहनों की आवाजाही पर ध्यान देने के बजाय पैदल यात्रियों की सुविधा और भविष्य के विस्तार को भी ध्यान में रखने को कहा.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क के दोनों किनारों पर ड्रेनेज, पैदल आवागमन और भविष्य में जरूरी होने वाली अन्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त जगह छोड़ी जाए. इससे आने वाले समय में सड़क किनारे अनियोजित निर्माण और अतिक्रमण की समस्या को रोकने में मदद मिल सकती है.
हर वार्ड में बनेगा वेंडर मार्केट
बैठक में फुटपाथ और सड़क किनारे कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों एवं वेंडर्स को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के हर वार्ड में जरूरत के अनुसार वेंडर मार्केट विकसित करने की दिशा में काम किया जाए.
सरकार का उद्देश्य एक ओर सड़कों और बाजार क्षेत्रों में अनियोजित वेंडिंग के कारण होने वाले जाम को कम करना है, वहीं दूसरी ओर वेंडर्स की आजीविका को भी सुरक्षित रखना है.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शहर को व्यवस्थित करने के नाम पर ऐसे लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित नहीं होनी चाहिए. उन्हें सम्मानजनक, सुविधायुक्त और व्यवस्थित वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए.
अनावश्यक रोड कट होंगे बंद
रांची की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने सड़कों के बीच बने अनावश्यक कटों को चिन्हित कर बंद करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि वाहनों को निर्धारित चौक-चौराहों से ही सुरक्षित तरीके से टर्न लेने की व्यवस्था होनी चाहिए. अनियोजित कटों के कारण कई जगह यातायात बाधित होता है और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ती है.
अधिकारियों से ऐसे स्थानों का विस्तृत अध्ययन कर जरूरी सुधार करने को कहा गया है.
शहर की बसों का तैयार होगा पूरा डेटाबेस
सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने रांची में चलने वाली सभी बसों की संख्या, रूट और समय-सारणी का समुचित डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया.
इसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करना और शहर की सड़कों पर अनावश्यक यातायात दबाव को कम करना है. बसों के रूट और टाइमिंग का बेहतर प्रबंधन होने से यात्रियों को भी अधिक सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराया जा सकेगा.
लटकते बिजली और टेलीकॉम तारों को किया जाएगा व्यवस्थित
मुख्यमंत्री ने रांची की सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लटक रहे बिजली, टेलीकॉम और दूसरे केबल तारों को व्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए.
पेड़ों पर अनावश्यक रूप से लटक रहे तारों को हटाने तथा जरूरी तारों को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करने को कहा गया है. सरकार का उद्देश्य शहर की सुंदरता के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा को भी बेहतर करना है.
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई
बैठक में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मुद्दा भी उठा. मुख्यमंत्री ने सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
सड़क किनारे अतिक्रमण और अनियोजित वेंडिंग की समस्या का समाधान करते समय वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था सुधरे और छोटे कारोबारियों की आजीविका पर प्रतिकूल असर न पड़े.
सिर्फ रांची नहीं, झारखंड के दूसरे शहर भी होंगे विकसित
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि आधुनिक शहरी विकास का दायरा केवल राजधानी रांची तक सीमित नहीं होना चाहिए. राज्य के दूसरे प्रमुख शहरों को भी सुनियोजित, आधुनिक और नागरिक सुविधाओं से लैस शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाए.
इसके लिए शहरों को जोन के आधार पर विभाजित कर वहां की आबादी, स्थानीय जरूरतों और भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विकास योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया गया है.
मास्टर प्लान से लेकर स्वच्छता तक, समग्र विकास पर जोर
रांची के मास्टर प्लान और आने वाले वर्षों की विकास योजना पर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास की योजना बनाते समय सिर्फ सड़क या भवन निर्माण को केंद्र में न रखा जाए।
रोड नेटवर्क, ट्रैफिक, ड्रेनेज, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, वेंडर व्यवस्था, पार्क और हरित क्षेत्र जैसे सभी पहलुओं को एक साथ शामिल किया जाए.
इससे शहर का विकास अलग-अलग विभागों की अलग-अलग परियोजनाओं के बजाय एक समग्र शहरी विकास मॉडल के तहत किया जा सकेगा.
पहले भी जलजमाव और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर CM दे चुके हैं निर्देश
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के ड्रेनेज और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. मई 2026 में हुई नगर विकास विभाग की समीक्षा में भी उन्होंने बरसात से पहले जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करने, सड़क किनारे जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और शहरी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए थे.
क्या बदलेगा रांची का शहरी ढांचा?
मुख्यमंत्री की ताजा समीक्षा से साफ है कि सरकार रांची के विकास को सिर्फ नई सड़कों और फ्लाईओवर तक सीमित नहीं रखना चाहती. सड़क , ड्रेनेज , ट्रैफिक , सार्वजनिक परिवहन, वेंडिंग जोन, स्वच्छता और हरित क्षेत्र को एक साथ जोड़कर शहर के विकास की योजना बनाने पर जोर है.
अब महत्वपूर्ण चुनौती इन निर्देशों को जमीन पर लागू करने की है. यदि योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले वर्षों में रांची की यातायात व्यवस्था, जल निकासी और सार्वजनिक सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

