Teachers Day Hemant Soren रांची : शिक्षक दिवस के अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों के बढ़ते महत्व पर खास जोर दिया . मुख्यमंत्री ने कहा कि AI और आधुनिक तकनीकें शिक्षण प्रक्रिया को अधिक सहज, प्रभावी और विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. उन्होंने शिक्षक दिवस पर राज्य के शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं भी दीं.
Teachers Day Hemant Soren:AI से शिक्षा को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में शिक्षा के क्षेत्र में AI आधारित तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. AI के जरिए विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, उनकी प्रगति और अलग-अलग विषयों में उनकी जरूरतों के आधार पर पढ़ाई को अधिक व्यक्तिगत बनाया जा सकता है.
झारखंड में भी डिजिटल शिक्षा की दिशा में पहले से कई पहल की जा रही हैं. राज्य के J-Guruji डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म में AI आधारित लर्निंग की सुविधा का उल्लेख है, जिसके तहत विद्यार्थियों के आकलन और कंटेंट उपयोग के आधार पर उन्हें व्यक्तिगत सुझाव देने की व्यवस्था विकसित की गई है.
शिक्षक की भूमिका खत्म नहीं, बल्कि और महत्वपूर्ण होगी
AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच मुख्यमंत्री का संदेश यह भी संकेत देता है कि तकनीक का उद्देश्य शिक्षक की भूमिका को खत्म करना नहीं, बल्कि उन्हें ज्यादा प्रभावी बनाना है. शिक्षक विद्यार्थियों की जिज्ञासा, सोचने की क्षमता, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
तकनीक सूचनाएं और विश्लेषण उपलब्ध करा सकती है, लेकिन विद्यार्थियों को सही दिशा देना और उनके अंदर सीखने की इच्छा पैदा करना शिक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनी रहेगी.
3 से 4 लाख शिक्षकों को AI ट्रेनिंग का प्रस्ताव
झारखंड सरकार पहले ही AI और डिजिटल तकनीक को राज्य के विकास से जोड़ने की दिशा में कदम उठा चुकी है. जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में वैश्विक टेक कंपनियों के साथ हुई बैठक में Google की ओर से झारखंड के करीब 3 से 4 लाख K-12 शिक्षकों के लिए तीन महीने के AI प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम का प्रस्ताव रखा गया था.
इसका उद्देश्य शिक्षकों को AI आधारित तकनीकों से परिचित कराना और उन्हें शिक्षण प्रक्रिया में आधुनिक डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल के लिए सक्षम बनाना है.
शिक्षा के साथ कृषि और खनन में भी AI का इस्तेमाल
झारखंड सरकार की AI रणनीति केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है. राज्य सरकार AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल सुशासन, कृषि, खनन, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है.
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जुलाई में हुई B2G बैठक में AI आधारित सुशासन और डिजिटल परिवर्तन पर चर्चा हुई थी. IBM की ओर से खनन, स्वास्थ्य, बैंकिंग और साइबर सुरक्षा के लिए AI आधारित समाधान प्रस्तुत किए गए थे. खनन निगरानी और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में भी तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाओं पर चर्चा हुई.
झारखंड को टेक्नोलॉजी आधारित राज्य बनाने की तैयारी
झारखंड सरकार ने AI, डिजिटल गवर्नेंस और भविष्य की तकनीकों को राज्य के विकास मॉडल से जोड़ने की दिशा में अपनी नीति तैयार करने पर भी जोर दिया है. जुलाई में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में झारखंड AI पॉलिसी समेत कई नीतियों के कॉन्सेप्ट पेपर पर उद्योग जगत और विशेषज्ञों से सुझाव लिए गए थे.
सरकार का लक्ष्य तकनीक के जरिए सिर्फ सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि रोजगार, कौशल विकास और निवेश के नए अवसर पैदा करना भी है.
शिक्षा में डिजिटल बदलाव की रफ्तार तेज
झारखंड के सरकारी स्कूलों में पारंपरिक ब्लैकबोर्ड आधारित पढ़ाई से आगे बढ़कर डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ रहा है. लाइव क्लास, रिकॉर्डेड कंटेंट, व्यक्तिगत लर्निंग और AI आधारित सुझाव जैसी सुविधाएं विद्यार्थियों को अपनी गति से सीखने का अवसर दे सकती हैं.
ऐसे में शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का AI पर जोर झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में आने वाले तकनीकी बदलावों का संकेत माना जा सकता है. देखा जाये तो शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री सोरेन का AI और नई तकनीकों पर जोर झारखंड की शिक्षा नीति में तकनीक की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है. सरकार की मौजूदा पहलों को देखें तो आने वाले समय में AI आधारित शिक्षा, डिजिटल स्किलिंग और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर और अधिक ध्यान दिए जाने की संभावना है. हालांकि, तकनीक के साथ मानवीय मूल्यों और शिक्षक-विद्यार्थी संबंध को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

