Jharkhand Satellite Township : रांची: झारखंड में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए राज्य सरकार अब शहरों के व्यवस्थित विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहरीकृत जिलों में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन कर ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में ग्रेटर रांची डेवलपमेंट अथॉरिटी (GRDA) और रांची स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े भूमि मामलों की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहरों के अनियोजित विस्तार से बचने के लिए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अभी से दीर्घकालिक योजना तैयार करना जरूरी है।
Jharkhand Satellite Township:शहरीकृत जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप की तलाश
सरकार की प्रस्तावित योजना के तहत राज्य के ऐसे जिलों को चिन्हित किया जाएगा, जहां शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में आबादी तथा आवास की मांग बढ़ने की संभावना है।
सैटेलाइट टाउनशिप के लिए संबंधित जिलों में उपलब्ध सरकारी एवं अन्य संभावित भूमि, मौजूदा आधारभूत संरचना और परिवहन कनेक्टिविटी का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसके अलावा नागरिक सुविधाओं, रोजगार के अवसर और भविष्य की आबादी की जरूरतों को भी अध्ययन में शामिल किया जाएगा।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद यह तय किया जाए कि किन क्षेत्रों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करना व्यावहारिक और आर्थिक रूप से उपयुक्त होगा।
जमीन, कनेक्टिविटी और रोजगार पर रहेगा फोकस
सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए सिर्फ जमीन की उपलब्धता को ही आधार नहीं बनाया जाएगा। इसके लिए कई महत्वपूर्ण मानकों पर विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
इनमें प्रमुख रूप से:
- उपलब्ध भूमि और उसका उपयोग
- सड़क एवं सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी
- पेयजल और सीवरेज व्यवस्था
- बिजली एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं
- स्वास्थ्य और शिक्षा संस्थानों की उपलब्धता
- रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों की संभावनाएं
- भविष्य में बढ़ने वाली आबादी
- पर्यावरण और हरित क्षेत्र
- नागरिक सुविधाओं की जरूरत
शामिल होंगे।
सरकार का प्रयास है कि नई टाउनशिप केवल आवासीय क्षेत्र न बनकर रहने, काम करने और बेहतर नागरिक सुविधाएं प्राप्त करने के लिए एक आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित हो।
रांची के विस्तार पर भी सरकार का विशेष जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने रांची स्मार्ट सिटी के भविष्य के विस्तार को लेकर भी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजधानी रांची का विकास आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
रांची में बढ़ती आबादी, यातायात, आवास और व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए शहर के विस्तार के लिए अभी से जमीन और आधारभूत संरचना की संभावनाओं का आकलन करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रांची के दीर्घकालिक और संतुलित विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने को कहा।
HEC की जमीन को लेकर भी चर्चा
रांची स्मार्ट सिटी के भविष्य के विस्तार के संदर्भ में HEC (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) की जमीन समेत अन्य संबंधित विषयों पर भी बैठक में चर्चा हुई।
भविष्य में इस संबंध में HEC के साथ बातचीत की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सभी आवश्यक पहलुओं का अध्ययन करने और जरूरी तैयारी पहले से रखने को कहा।
सरकार की कोशिश है कि उपलब्ध भूमि और मौजूदा शहरी ढांचे का बेहतर इस्तेमाल करते हुए राजधानी के विकास को नई दिशा दी जाए।
स्मार्ट सिटी से निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि स्मार्ट सिटी जैसी योजनाएं केवल शहरी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने तक सीमित नहीं हैं। ऐसी परियोजनाओं से निवेश, रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
सैटेलाइट टाउनशिप के विकसित होने से बड़े शहरों पर आबादी का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है। इसके साथ ही शहर के आसपास नए आर्थिक केंद्र विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखकर होगा शहरी विकास
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शहरी विकास की किसी भी योजना में सिर्फ वर्तमान जरूरतों को आधार न बनाया जाए। आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों और संभावित आबादी को भी योजना में शामिल किया जाए।
उन्होंने आधुनिक, सुरक्षित, समावेशी और सुव्यवस्थित शहरी परिवेश तैयार करने पर जोर दिया। सरकार का लक्ष्य ऐसा शहर विकसित करना है, जहां नागरिकों को आवास के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, रोजगार और अन्य जरूरी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
अधिकारियों को तेजी से काम करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़े भूमि मामलों और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी जरूरी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जाए और परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, उद्योग सचिव अरवा राजकमल, राजस्व सचिव चंद्रशेखर, रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री, स्मार्ट सिटी के CEO सूरज कुमार, जियाडा के MD वरुण रंजन, स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक राकेश कुमार नंदकुलियार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
झारखंड के शहरी विकास की बदल सकती है तस्वीर
झारखंड में सैटेलाइट टाउनशिप की योजना पर अध्ययन शुरू होने के बाद आने वाले वर्षों में राज्य के शहरी विकास का स्वरूप बदल सकता है। खासतौर पर तेजी से विकसित हो रहे शहरों में यदि पहले से आवास, परिवहन, रोजगार और नागरिक सुविधाओं की योजना तैयार की जाती है, तो अनियोजित शहरीकरण और महानगरों पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सकता है।
फिलहाल सरकार ने संबंधित जिलों में संभावनाओं का आकलन कर व्यावहारिक और ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया है। इस अध्ययन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राज्य में किन स्थानों को सैटेलाइट टाउनशिप के लिए उपयुक्त माना जाता है।

