Rajya Sabha :संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक बार फिर तीखी बहस देखने को मिली. नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू आमने-सामने आ गए. हंगामे के बीच खरगे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें संसदीय नियम सिखाने की जरूरत नहीं है और सरकार को पहले विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब देना चाहिए.
Rajya Sabha Union Minister Kiran Rejiju vs LOP Kharge pic.twitter.com/Llbx7IWdBi
— Shakeel Yasar Ullah (@yasarullah) August 6, 2026
Rajya Sabha में बोले खरगे-‘मुझे नियम मत सिखाइए’
राज्यसभा में बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्हें नियमों की पूरी जानकारी है और वे यह तय करने के लिए स्वतंत्र हैं कि सदन में क्या बोलना है.
उन्होंने कहा,
“क्या अब मुझे किरेन रिजिजू से नियम सीखना पड़ेगा? नियम मैं भी जानता हूं। यह मेरा अधिकार है कि मैं क्या बोलूं, कब बोलूं और कैसे बोलूं।”
पवन खेड़ा को लेकर भी जताई आपत्ति
खरगे ने कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा पर की गई टिप्पणी को लेकर भी आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी सांसदों का अपमान कर रही है और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों का जवाब देने से बच रही है.
उनका कहना था कि विपक्ष केवल देश और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सदन में उठा रहा है।
गृह मंत्री से बयान देने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की कि संबंधित मामले पर गृह मंत्री सदन में आकर बयान दें। उन्होंने कहा कि मंत्री का बयान आने के बाद विपक्ष पूरी तैयारी के साथ चर्चा में भाग लेने को तैयार है।
नियमों का दिया हवाला
खरगे ने राज्यसभा के नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी सदस्य के खिलाफ मानहानिकारक या आपराधिक प्रकृति के आरोप नियमों का पालन किए बिना नहीं लगाए जा सकते। उन्होंने सभापति से आग्रह किया कि सरकार के साथ-साथ विपक्ष को भी अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाए।
मानसून सत्र में लगातार जारी है टकराव
संसद के मानसून सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है. गुरुवार को राज्यसभा में हुई यह बहस भी इसी राजनीतिक तनातनी का हिस्सा रही, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर संसदीय परंपराओं और नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए.

