3 इटालियनस् के बिना इमिग्रेशन कराए विदेश चले जाने पर सरकार सख्त, एयर इंडिया को दिया शो कॉज नोटिस

मिनिस्ट्री ऑफ़ सिविल एविएशन ने एयर इंडिया Air India से जवाब मांगा है कि तीन इटैलियन नागरिक बिना ज़रूरी इमिग्रेशन क्लियरेंस पूरा किए बिना दिल्ली से म्यूनिख के लिए एक इंटरनेशनल फ़्लाइट में कैसे चढ़ गए.
तीन पैसेंजर — सुरजीत सिंह, बलविंदर कौर और गुरदेव सिंह — 4 सितंबर को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1115 से अमृतसर से यात्रा करके दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे. लुफ्थांसा ने उस फ्लाइट को ऑपरेट किया था जो पैसेंजर को भारत से बाहर ले गई, लेकिन कथित चूक एयर इंडिया के प्रोसीजर के तहत आने वाले पैसेंजर-हैंडलिंग और ट्रांसफर प्रोसेस के दौरान हुई.

Air India को जारी किया गया शो-कॉज नोटिस

हिंदुस्तान टाइम्स ने शनिवार (12 सितंबर) को जारी किया शो-कॉज नोटिस के हवाले से छापा है कि, यह एयरलाइन के पैसेंजर को संभालने के तरीके और अमृतसर और दिल्ली एयरपोर्ट पर की गई जांच के बारे में कई सवाल उठाता है.
1. “D” बोर्डिंग पास वाले पैसेंजर को I-to-I क्यों भेजा गया?
तीन पैसेंजर के पास 4 सितंबर को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1115 में अमृतसर-दिल्ली यात्रा के लिए “D” बोर्डिंग पास थे. मिनिस्ट्री ने पूछा कि उन्हें फिर भी इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल (I-to-I) ट्रांसफर एरिया में जाने की इजाज़त क्यों दी गई, जो “I” इंडिकेटर वाले इंटरनेशनल पैसेंजर के लिए था.
2. पैसेंजर को अलग-अलग क्यों नहीं रखा गया?
मंज़ूर किए गए प्रोसीजर के मुताबिक, हब एयरपोर्ट पर डोमेस्टिक और इंटरनेशनल पैसेंजर को अलग रखना ज़रूरी है. मिनिस्ट्री ने पूछा कि जब पैसेंजर दिल्ली पहुँचे तो इस नियम का पालन क्यों नहीं किया गया.
3. उन्हें इमिग्रेशन से क्यों नहीं भेजा गया?
पैसेंजर्स को अपनी इंटरनेशनल फ़्लाइट लेने से पहले तय अराइवल एरिया से बाहर निकलना चाहिए था और डिपार्चर इमिग्रेशन पूरा करना चाहिए था. मिनिस्ट्री ने पूछा कि इसके बजाय उन्हें I-to-I रूट से क्यों ले जाया गया.
4. अमृतसर में लुफ्थांसा बोर्डिंग पास क्यों जारी किए गए?
नोटिस में सवाल है कि एयर इंडिया ने अमृतसर में लुफ्थांसा फ़्लाइट के लिए आगे के बोर्डिंग पास क्यों जारी किए. मिनिस्ट्री ने कहा कि मंज़ूर किए गए हब-एंड-स्पोक प्रोसीजर में स्पोक एयरपोर्ट पर ऐसा आगे का बोर्डिंग पास जारी करने का कोई प्रोविज़न नहीं है.
5. एयर इंडिया और SATS स्टाफ ने क्या किया?
मिनिस्ट्री ने अमृतसर और दिल्ली में पैसेंजर्स को संभालने और एस्कॉर्ट करने वाले एयर इंडिया और SATS के लोगों के रोल और ज़िम्मेदारी की डिटेल्स मांगी हैं.
6. एयर इंडिया के नोडल ऑफिसर का क्या रोल था?
एयर इंडिया के पास एक 24×7 नोडल ऑफिसर और टीम होनी चाहिए ताकि यह पक्का हो सके कि पैसेंजर्स इंटरनेशनल फ्लाइट्स में न चढ़ें या इमिग्रेशन पूरा किए बिना देश न छोड़ें. मिनिस्ट्री ने पूछा कि जब यह गलती हुई तो नोडल ऑफिसर और सुपरवाइजरी टीम क्या कर रही थी.
7. पैसेंजर रिकंसिलिएशन समय पर क्यों नहीं किया गया?
मिनिस्ट्री ने पूछा कि दिल्ली एयरपोर्ट पर डोमेस्टिक और इंटरनेशनल पैसेंजर्स का ज़रूरी रिकंसिलिएशन समय पर क्यों नहीं किया गया.
8. क्या पैसेंजर के रिकॉर्ड सही तरीके से जमा किए गए थे?
मिनिस्ट्री ने यह भी पूछा है कि क्या इमिग्रेशन अधिकारियों को भेजी गई जनरल डिक्लेरेशन, पैसेंजर मैनिफेस्ट, API/PNR डेटा और दूसरी पैसेंजर जानकारी समय पर जमा की गई थी और क्या उसमें पैसेंजर के मूवमेंट को सही तरीके से दिखाया गया था.
9. सिस्टम इस गलती को पकड़ने में फेल क्यों रहा?
मिनिस्ट्री जानना चाहती है कि पैसेंजर के डिपार्चर एरिया में पहुंचने से पहले तय चेक से पकड़े जाने के बजाय, मैनुअल रिकंसिलिएशन से ही बाद में इस गड़बड़ी का पता क्यों चला.

Air India को 7 दिन में देना है जवाब

सरकार ने एयर इंडिया से यह बताने के लिए कहा है कि अप्रूव्ड हब-एंड-स्पोक प्रोसीजर का उल्लंघन करने और पैसेंजर को इमिग्रेशन से बचने से रोकने के लिए सही चेक न रखने के लिए उसके खिलाफ एक्शन क्यों न लिया जाए.
एयर इंडिया को नोटिस मिलने के सात दिन के अंदर जवाब देना है. अगर वह जवाब नहीं देती है, तो मिनिस्ट्री ने कहा कि वह मौजूद रिकॉर्ड के आधार पर आगे बढ़ सकती है और एडमिनिस्ट्रेटिव या रेगुलेटरी एक्शन पर विचार कर सकती है.

दिल्ली एयरपोर्ट पर क्या हुआ?

तीन इटैलियन नागरिक 4 सितंबर को सुबह करीब 12:50 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमृतसर से एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1115 से यात्रा करने के बाद पहुंचे.
उनके पास डोमेस्टिक फ्लाइट के लिए “D” बोर्डिंग पास और म्यूनिख के लिए लुफ्थांसा फ्लाइट LH-763 के आगे के बोर्डिंग पास थे, जो सुबह 1:45 बजे रवाना हुई थी.
मंजूर प्रक्रिया के तहत, उन्हें गेट 39 से बाहर निकलना चाहिए था, ज़रूरी इमिग्रेशन क्लियरेंस पूरा करना चाहिए था और फिर इंटरनेशनल डिपार्चर एरिया में जाना चाहिए था.
इसके बजाय, उन्हें कथित तौर पर इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल (I-to-I) ट्रांसफर एरिया में ले जाया गया, जो पहले से ही इंटरनेशनल यात्रा के लिए क्लियरेंस पा चुके यात्रियों के लिए था. फिर वे डिपार्चर एरिया में पहुंचे और इमिग्रेशन पूरा किए बिना लुफ्थांसा फ्लाइट में सवार हो गए.
इस वजह से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार शाम को गृह और नागरिक उड्डयन मंत्रालयों के सीनियर अधिकारियों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स की एक अर्जेंट मीटिंग बुलाई है.

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