रोहतक। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 1984 के सिख नरसंहार के संवेदनशील मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 1984 की दुखद घटना की बरसी पर राहुल गांधी को सिख समाज से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए थी और प्रायश्चित करना चाहिए था, परंतु इसके विपरीत वे सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। रोहतक में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस की नीतियों और इतिहास की कड़े शब्दों में आलोचना की।
सिख नरसंहार पर प्रायश्चित और क्षमा याचना की मांग
पदयात्रा के दौरान जनसमूह को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि 1 नवंबर 1984 को सिख समुदाय के निर्दोष लोगों के साथ जो भयानक हिंसा और कत्लेआम हुआ था, उसके लिए कांग्रेस नेतृत्व को आत्मग्लानि महसूस करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक त्रासदी के घाव आज भी भरे नहीं हैं और ऐसे में कांग्रेस की प्राथमिक जिम्मेदारी सिख समाज के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करने तथा माफी मांगने की होनी चाहिए थी। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा चलाए जा रहे राजनीतिक अभियानों को दुर्भाग्यपूर्ण और जनभावनाओं के विपरीत करार दिया।
राजीव गांधी के ऐतिहासिक बयान का उल्लेख और कांग्रेस से जवाबदेही का आग्रह
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 1984 की हिंसा के उपरांत तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा दिए गए चर्चित बयान को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि जब सिख समुदाय के हजारों लोगों का कत्लेआम हो रहा था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री ने यह कहकर उस त्रासदी को हल्का करने का प्रयास किया था कि 'जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है।' नितिन नवीन ने सवाल उठाया कि जिन पीड़ित परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति पछतावा जताने के बजाय कांग्रेस आज किस मुंह से प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 1984 की हिंसा में गंवाई गई जानों के प्रति अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए निष्पक्ष जवाबदेही तय करनी चाहिए।

