Gold Price Hike : सोना हमेशा से भारतीय लोगों के लिए शान-ओ-शौकत के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत का भी हिस्सा रहा है. राजे- महाराजे और सामंतवादी समाज में सोना का भंडार ताकत की प्रतीक थी, समय बदला व्यवस्थाएं बदली लेकिन सोने का महत्व आज भी उसी तरह से कायम है. देखा जाये तो आज के समय में सोना पहले से भी अधिक मजबूत स्थिति में हैं. सोने की ताकत का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इसकी कीमत किसी भी देश की करेंसी पर असर डाल सकती है, बाजार में महंगाई बढ़ा-घटा सकती है, यहां तक कि सरकारें भी हिला सकती है.
Gold Price Hike : सोने पर लोगों का भरोसा कायम
इस साल के शुरुआत से लेकर अभी तक में इसकी कीमत में 62 फीसदी से ज्यादा का उछाल चुका है लेकिन अभी भी सोना खरीदने और उसे अपनी सबसे मजबूत प्रापर्टी बनाने में लोगों की दिलचस्पी कम नहीं हुई है. भारतीयों लोगों के पास सोने की होल्डिंग में कुछ ख़ास कमी नहीं आई है.
बीबीसी हिंदी की एक रिपोर्ट ने के मुताबिक मॉर्गन स्टेनली ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी कियी था, जिसमें बताया था कि भारत में परिवारों के पास 34,600 टन सोना मौजूद है, जिसकी कीमत लगभग अंतराष्ट्रीय बाजार में 3.8 ट्रिलियन डॉलर है. ये मूल्य भारत की कुल जीडीपी का लगभग 88.8 प्रतिशत है.
24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1.30 लाख के पार
भारत में अभी त्योहारों का मौसम चल रहा है. त्योहार में लोग खास तौर पर सोने की खरीददारी करते हैं. भारत में इस समय 24 कैरेट सोने की कीमत 1 लाख 30 हजार के पार पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने की संभावना है. कीमतें 1.5 लाख के पास पहुंचने के आसार हैं.
सोने की कीमत का बढ़ना क्या भारत के लिए है अच्छी खबर ?
मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार भारत चीन के बाद सोने की खपत के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है. भारत के परिवारों के पास जून 2025 तक लगभग 34600 टन सोना मौजूद था. भारत में सरकार ने देश की अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रिजर्व बैंक में भी अपना सोने का भंडार बढाया है. भारत ने पिछले साल (2024 में) 75 टन सोना ख़रीदा, जिसके बाद भारत में गोल्ड भंडार लगभग 880 टन पहुँच हो गया है, जो कि भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का 14 प्रतिशत है.
आपको बता दें कि सोने की कीमत और भंडारन का असर देश की अर्थ व्यवस्था पर तो पड़ता ही है, इसके साथ ही इसका सीधा असर करेंसी पर भी पड़ता है. भारत का स्वर्ण भंडार अबी अच्छी स्थिति में हैं और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में हो रहा है, दुनिया में भारतीय रुपया मजबूत हुआ है जिसके कारण डॉलर से मुकाबला आसान हो गया है.

