FlyDubai Flight 1073 दुबई/तेल अवीव : फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में कप्तान स्मित मच्छर पर जानलेवा हमला और विमान के अचानक तेजी से नीचे जाने की घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा को लेकर पूरी दुनुया में दशहत का माहौल है. इस एक घटना ने हवाई यात्रा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब इस मामले में अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट ने जांच को नया मोड़ दे दिया है
वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, विमान के को-पायलट पर पहले से ही ओमान में उड़ान भरने पर बैन लगा हुआ था. ओमान ने पायलट पर ये बैन उसके कट्टरपंथी विचारों के कारण लगाया था. ओमान में बैन लगे होने के बावजूद उसे संयुक्त अरब अमीरात की एयरलाइन FlyDubai ने नौकरी दी और वह संवेदनशील दुबई-तेल अवीव रूट पर उड़ान भरने लगा.
WSJ के मुताबिक कैप्टन कप्तान स्मित मच्छर पर हमला करने वाले आरोपी को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हमामी (Hamam al-Hammami) के रुप में हुई है.
FlyDubai Flight 1073:उड़ान के दौरान कप्तान पर किया हमला
ये घटना 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की Flight 1073 में हुई. विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था. उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कथित तौर पर कप्तान पर हमला किया, जिसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा.
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, विमान करीब 34,000 फीट से लगभग 16,600 फीट तक बहुत तेजी से नीचे आया. कुछ ही समय में विमान की स्थिति बेहद गंभीर हो गई और आपातकालीन संकेत भी सक्रिय हुए.
कप्तान स्मित मच्छर घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे. इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को पायलट को काबू करने में मदद की. विमान में मौजूद दो अन्य ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलटों ने भी नियंत्रण संभालने में मदद की.
इसके बाद विमान को इजरायल ले जाने के बजाय सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन रूप से उतारा गया. विमान में 182 लोग सवार थे.
ओमान में क्यों लगाया गया था उड़ान प्रतिबंध?
WSJ की रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आरोपी सह-पायलट का पिछला रिकॉर्ड है. रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान में अधिकारियों ने उसे उड़ान भरने से रोक दिया था क्योंकि उन्हें उसके वैचारिक झुकाव को लेकर चिंता थी. बाद में वह FlyDubai में काम करने लगा.
ABC News ने जांच से जुड़े वरिष्ठ खुफिया और कानून-प्रवर्तन अधिकारियों के हवाले से इस मामले से जुड़ी एक और जानकारी दी है. उसके मुताबिक, हमाम अल-हमामी 2024 में Oman Air में को-पायलट ट्रेनी के रुप में काम कर रहा था, उस समय भी उसके पास से वरिष्ठ अधिकारियों को चरमपंथी सामग्री पमिली थी, जिसे इस समय भी नागरिक सुरक्ष ाके लिहाज से जोखिम भरा माना गया था.
बड़ा सवाल- अगर बैन था तो FlyDubai में कैसे मिली नौकरी?
इस मामले में अब सबसे बड़ा सवाल एयरलाइन और विमानन सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है. सवाल ये है कि अगर किसी पायलट को उसके अपने देश में सुरक्षा के लिए खतरा माना गया हो तो क्या इसकी जानकारी दूसरे एयरलाइनमस को नहीं दी जाती है, और अगर जानकारी दी गई थी तब उस व्यक्ति को फ्लाई दुबई एयरलाईन से इतने संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय रूट पर उड़ान भरने की अनुमति कैसे मिली?
वॉल स्टट्री जरनल (WSJ) ने भी अपनी रिपोर्ट में इसी बात पर सवाल उठाया है.रिपोर्ट के अनुसार,अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ओमान ने हमाम अल-हमामी से जुड़ी चिंताओं को दूसरे देशों या एयरलाइनों के साथ साझा किया था या नहीं.
यही बिंदु इस पूरे मामले को केवल एक विमान के भीतर हुई हिंसक घटना से आगे ले जाकर अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा और पायलट वेटिंग के मुद्दे से जोड़ता है.
दुबई-तेल अवीव रूट पर भी उठे सवाल
दुबई से तेल अवीव जाने वाला रूट को पहले से ही सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है. WSJ की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद एक संदिग्ध हमलावर कॉकपिट तक कैसे पहुंचा और विमान में चाकू कैसे पहुंचा ?
रिपोर्ट में विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों ने घटना को सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया है. दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षा जांच के कई स्तर हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अंदरूनी व्यक्ति से जुड़े खतरे को रोकना किसी भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलग चुनौती होती है.
FlyDubai ने इजरायल की उड़ानें रोकीं
घटना के बाद FlyDubai ने दुबई और तेल अवीव के बीच अपनी उड़ानें अगली सूचना तक निलंबित कर दी हैं. मामले की जांच संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इजरायल से जुड़ी एजेंसियां कर रही हैं.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना को आतंकवाद के संदर्भ में बताया है और यह भी कहा कि जांच इस बात पर केंद्रित है कि आरोपी ने अकेले कार्रवाई की या उसके पीछे कोई और था.
जांच के सामने कई अहम सवाल
इस घटना के बाद विमानन सुरक्षा से जुड़े कई सवाल सामने हैं—क्या आरोपी का पिछला सुरक्षा रिकॉर्ड FlyDubai तक पहुंचा था? ओमान की ओर से लगाए गए प्रतिबंध की जानकारी किस-किस एजेंसी के पास थी? संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय रूट पर उड़ान भरने से पहले उसकी जांच किस स्तर पर हुई? और विमान के कॉकपिट तक कथित हथियार कैसे पहुंचा?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे. फिलहाल WSJ की रिपोर्ट ने यह जरूर उजागर किया है कि आरोपी सह-पायलट के कथित वैचारिक रुझानों को लेकर उसके पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है.

