Jewar International Airport Ticket Booking :जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई सफर का इंतजार खत्म हो गया है. एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट 15 जून को उड़ान भरेगी, जिसके लिए एयरलाइंस ने आधिकारिक तौर पर टिकटों की बुकिंग शुरू कर दी है.
शुरुआती चरण में घरेलू उड़ानों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिससे दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट के ट्रैफिक से बड़ी राहत मिलेगी. एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, उड़ानों के सफल संचालन के लिए सभी ट्रायल पूरे कर लिए गए हैं. यात्रियों में इस नए सफर को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है.
जेवर एयरपोर्ट क्यों हैं खास ?
नोयडा का ये एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है.यह दिल्ली-NCR का दूसरा सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा. ये एय़रपोर्ट कुल मिलाकर 11,742 एकड़ (लगभग 5,100 हेक्टेयर) में फैला है. एयरपोर्ट का निर्माण दो चरणों में हो रहा है. पहले फेज में करीब 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र को ही विकसित किया गया है.
रनवे: इस एयरपोर्ट का रमवे 3,900 मीटर लंबा (10/28) है जो Boeing 777-300ER जैसे वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट को भी हैंडल करने में सक्षम है. ILS (Instrument Landing System) और एडवांस्ड लाइटिंग से 24 घंटे, कोहरे/सभी मौसम में ऑपरेशन संभव संभव है.
यात्रियों की क्षमता: Phase- शुरुआती चरण में इस एयोरपोर्ट से 12 मिलियन यानी करीब 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों के ट्रैवल की उम्मीद है. वहीं प्रतिवर्ष इसमें बढोतरी करते हुए इसकी क्षमता 70 ले लेकर 200 मिलियन तक करने की योजना है.
टर्मिनल: एकीकृत पैसेंजर टर्मिनल (T1) लगभग 1 लाख वर्ग मीटर में बना है. इसे स्विस इंजीनियरिंग और भारतीय आतिथ्य के मिश्रण से तैयार किया गया है जिसमें प्राकृतिक रोशनी, वेंटिलेशन, ग्रीन स्पेस, हैंगिंग गार्डन्स और लैंडस्केप्ड कोर्टयार्ड आदि बनाये गये हैं.
इस एयरपोर्ट पर 10 मिनट में चेक-इन से बोर्डिंग तक करने के लिए तेज प्रोसेसिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जायेगा.
कनेक्टिविटीक की बात करें तो यमुना एक्सप्रेसवे से इसका सीधा कनेक्शन है. भविष्य में मेट्रो, रैपिड रेल और अन्य मल्टी-मोडल लिंक से इसे जोड़ने की योजा है.

