Election Commission लोकसभा 2024 के चुनाव के शुरु होने से पहले लोगों में जो चुनाव को लेकर जो उत्साह दिखाई दे रहा था, वो मतदान के दिन दो राज्यों को छोड़ कर कहीं नज़र नहीं आया. 19 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग के दौरान केवल 66 प्रतिशत पोलिंग हुई जो पिछले चुनाव के मुकाबले 3 प्रतिशत कम था. मतदान के प्रतिशत में आई कमी ने चुनाव आयोग को फिक्रमंद कर दिया है. इसलिए आगे के 6 चरणों में होने वाले मतदान के लिए आयोग ने मतदाताओं के पोलिंग बूथ तक लाने के लिए तैयारियां शुरु कर दी है.चुनाव आयोग कई प्रोग्राम चलाने जा रहा है, जो मतदाताओं को पलिंग बूथ तक लाने में मददगार साबित हो सकता है.
Election Commission का सिस्टमेटिक वोटर एजुकेशन और इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन प्रोग्राम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबित केवल मतदाताओं का उत्साह ही उन्हें पोलिंग बूथ तक लाने के लिए काफी नहीं है.इसलिए मतदाताओं के उत्साह को पोलिंग बूथ तक लाने के लिए आयोग कई कार्यक्रम चलाये जा रहे है. इनमें सिस्टमेटिक वोटर एजुकेशन और इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन प्रोग्राम एक है. इस प्रोग्राम के तहत अब तक चुनाव आयोग ने मतदाताओं को जागरुक करने के लिए अभियान चलाये है.
IPL भी बना था चुनाव आयोग का मंच
मतदाताओं को जागरुक करने और उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए चुनाव आयोग ने सिस्टमेटिक वोटर एजुकेशन (SVE) और इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन प्रोग्राम ( EPP) कार्यक्रम चलाया. युवाओं को आकर्षित करने के लिए अलग अलग क्षेत्र की हस्तियों को चुनाव आयोग ने अपना ब्रैंड एंबेसेडर बनाया है. इसके अलावा देश में चल रहे IPL टूर्नामेंट के मंच से भी मतदाताओं से अपील की गई. इसके लिए चुनाव आयोग ने खास तौर से बीसीबीआई के साथ अनुबंध किया था.IPL के मंच से भी लोगों से मतदान का अपील की गई थी, लेकिन चुनाव आयोग की ये सारे कोशिशें मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक लाने में पूरी तरह से सफल नहीं हुई.
कम मतदान के पीछे गर्मी और लू भी एक वजह
पहल चरण में हुई कम वोटिंग को लेकर चुनाव आयोग में मंथन चल रहा है और पदाधिकारी इसका तोड़ निकालने में जुटे हैं. बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग इस बात का विश्लेषण कर रहा है कि आखिर कम वोटिंग की वजह क्या रही. देश भर में पड़ रही भीषण गर्मी और लू को भी इसकी एक वजह माना गया है. चुनाव आयोग ने माना है कि कुछ मतदाता रिजल्ट को लेकर पहले से निश्चिंत है. इसके अलावा शादियों और त्योहारों के मौसम का भी असर मतदान पर पड़ा है.चुनाव आयोग की पदाधिow turnoutकारियो के मुताबिक जल्द ही आयोग कुछ नया प्लान लेकर आयेगा जो मतदातओं को बूथ तक लाने में मददगार होगा.

