स्वाति मालीवाल का केजरीवाल पर वार, फैसले को बताया मजबूरी

नई दिल्ली।आम आदमी पार्टी में मचे बड़े राजनीतिक उथल-पुथल के बीच राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी पार्टी से नाता तोड़ लिया है। शुक्रवार को राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने के बाद, स्वाति मालीवाल ने भी अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी।

'भारी मन से लिया फैसला'

स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने वर्ष 2006 में अपनी नौकरी का त्याग कर देश सेवा का संकल्प लिया था। उन्होंने याद दिलाया कि सूचना का अधिकार (RTI) आंदोलन से लेकर अन्ना हजारे के आंदोलन और 'आप' की स्थापना तक उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में 8 वर्षों तक किए गए अपने कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे आज अत्यंत दुखी मन से पार्टी छोड़ रही हैं।

पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप

इस्तीफे के साथ ही उन्होंने अरविंद केजरीवाल और पार्टी की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए:

  • अभद्रता और मारपीट: मालीवाल ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के इशारे पर उनके ही आवास पर उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई।

  • दोषियों को संरक्षण: उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल ने आरोपी को सजा दिलाने के बजाय उसे बचाने की कोशिश की और ऊंचे पदों से पुरस्कृत किया। साथ ही, उन्हें चुप कराने के लिए बर्बाद करने की धमकियां भी दी गईं।

इस्तीफे के मुख्य कारण

स्वाति मालीवाल ने पार्टी छोड़ने की कई बड़ी वजहें गिनाईं:

  1. भ्रष्टाचार: पार्टी के भीतर बढ़ता हुआ अनियंत्रित भ्रष्टाचार।

  2. महिला सुरक्षा: महिलाओं के साथ हो रहा उत्पीड़न और गुंडा तत्वों को मिल रहा बढ़ावा।

  3. पंजाब का मुद्दा: पंजाब की जनता के साथ कथित धोखाधड़ी और संसाधनों की लूट।

विस्तृत चर्चा की तैयारी

वर्तमान में संसदीय समिति की बैठक के सिलसिले में ईटानगर में मौजूद स्वाति मालीवाल ने कहा कि वह आज रात दिल्ली वापस लौटेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली पहुँचने के बाद वह इन सभी मुद्दों और अपने भविष्य के कदमों पर विस्तार से मीडिया से रूबरू होंगी।

इस घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी के भीतर चल रहे गहरे अंतर्विरोधों को सार्वजनिक कर दिया है, जिससे पार्टी की साख पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

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