Ashok Lahiri Niti Aayog : भारत सरकार ने देश की विकास नीतियों को नया आयाम देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. प्रख्यात अर्थशास्त्री और बंगाल से आने वाले डॉ. अशोक लाहिड़ी को नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. यह वही पद है जिस पर कभी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और प्रणव मुखर्जी जैसी दिग्गज विभूतियां बैठ चुकी हैं. अब देश की भविष्य की नीतियों का मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी डॉ. लाहिड़ी के कंधों पर होगी.
रामपूजन के धार्मिक आयोजन के लिए खिचड़ी प्रसाद बनाते देश के शीर्ष अर्थशास्त्री, खांटी बंगाली डॉ. अशोक लाहिड़ी अब नीति आयोग (पुराना नाम योजना आयोग) के कर्ता-धर्ता होंगे.
इस पद पर पहले नरसिंह राव, मनमोहन सिंह, प्रणव मुखर्जी आदि रह चुके हैं.
देश की नीतियां कैसे बनेंगी, इसका वे… pic.twitter.com/qnslpbmKy3
— Dilip Mandal (@Profdilipmandal) April 25, 2026
Ashok Lahiri : धार्मिक आस्था और बौद्धिक कौशल का संगम
डॉ. अशोक लाहिड़ी की शख्सियत जितनी सरल है,उनका बौद्धिक कद उतना ही ऊंचा है. एक तरफ वे राम पूजन जैसे पवित्र धार्मिक आयोजनों में खुद खिचड़ी प्रसाद बनाते नजर आते हैं, तो दूसरी तरफ दुनिया के सबसे जटिल आर्थिक आंकड़ों का विश्लेषण करते हैं. उनका यह सरल और जमीनी व्यक्तित्व उन्हें अन्य विशेषज्ञों से अलग बनाता है. सरकार को उम्मीद है कि उनके आने से भारतीय अर्थव्यवस्था को वामपंथी विचारधारा के पुराने और सुस्त प्रभावों से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी.
अनुभवों का विशाल महासागर
डॉ. लाहिड़ी का करियर चार दशकों से भी अधिक लंबा और गौरवशाली रहा है. उन्होंने प्रेसिडेंसी कॉलेज, कोलकाता और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से शिक्षा ग्रहण की है. वे अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह, दोनों ही प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल के दौरान भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) रह चुके हैं. उनके पास वैश्विक संस्थानों जैसे वर्ल्ड बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और एशियन डेवलपमेंट बैंक में काम करने का व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव है.
आर्थिक सुधारों के असली वास्तुकार
भारत में राजकोषीय अनुशासन लाने के लिए डॉ. लाहिड़ी का योगदान अतुलनीय है. उन्होंने 2003 के ‘एफआरबीएम एक्ट’ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसने सरकार के घाटे को नियंत्रित करने की नींव रखी. इसके अलावा, 15वें वित्त आयोग के सदस्य के रूप में उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच राजस्व बंटवारे के फार्मूले को तय करने में भी बड़ी भूमिका निभाई. वे बैंकिंग सेक्टर में भी सक्रिय रहे हैं और बंधन बैंक के चेयरमैन के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
नीति आयोग की नई टीम और विजन
डॉ. अशोक लाहिड़ी अब सुमन के. बेरी का स्थान लेंगे, जिन्होंने 2022 से इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाया था। डॉ. लाहिड़ी की इस नई पारी में उनके साथ पश्चिम बंगाल के ही प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. गोवर्धन दास को भी नीति आयोग का सदस्य बनाया गया है. डॉ. दास वर्तमान में IISER भोपाल के निदेशक हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. लाहिड़ी का डेटा-आधारित विश्लेषण और व्यावहारिक दृष्टिकोण ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होगा.

