Ganga Expressway Inauguration: उत्तर प्रदेश के विकास की रफ्तार को नई ऊंचाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का आधिकारिक उद्घाटन/शिलान्यास किया. यह एक्सप्रेसवे न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगा, बल्कि राज्य की आर्थिक रीढ़ की हड्डी भी साबित होगा. उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे.
#WATCH उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में 594 km लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया।
लगभग ₹36,230 करोड़ की कुल लागत से बने गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय अभी के 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे होने की… pic.twitter.com/mEBZQSWjKZ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 29, 2026
Ganga Expressway Inauguration: सीएम योगी बोले- “हमारी नीयत साफ है”
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब विकास की राजनीति होती है. सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हमारी नीयत साफ है और हमारा काम दमदार है.” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाएगा.
मेरठ से प्रयागराज: 12 घंटे का सफर अब सिर्फ 6 घंटे में
गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी विशेषता इसकी गति और कनेक्टिविटी है. यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 594 किलोमीटर है. सरकार का दावा है कि इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद मेरठ से प्रयागराज के बीच की यात्रा का समय आधा रह जाएगा. जो सफर पहले 12 से 14 घंटे में पूरा होता था, उसे अब मात्र 6 घंटे में तय किया जा सकेगा.
गंगा एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएं
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरेगी. इसकी कुछ खास बातें निम्नलिखित हैं:
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लंबाई: लगभग 594 किलोमीटर लंबा छह-लेन का एक्सप्रेसवे (जिसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है).
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कनेक्टिविटी: यह पश्चिमी यूपी के मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को जोड़ेगा.
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आर्थिक विकास: एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
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वायुसेना के लिए रनवे: आपातकालीन स्थिति में लड़ाकू विमानों की लैंडिंग के लिए इस पर विशेष एयरस्ट्रिप (हवाई पट्टी) भी बनाई जाएगी.
यूपी के दो छोरों की दूरी हुई कम
गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं है, बल्कि यह पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच की भौगोलिक दूरियों को कम करने वाला एक सेतु है. इससे व्यापार, कृषि और पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. खासकर प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग वरदान साबित होगा.

