Indirapuram Gaur Green Avenue Fire : दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद स्थित इंदिरापुरम इलाके से एक दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहाँ की पॉश ‘गौर ग्रीन एवेन्यू’ सोसाइटी की एक हाई-राइज बिल्डिंग में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई. सुबह करीब 8:30 बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और कई मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया.
इंदिरापुरम की गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में हड़कंप
जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से हुई. देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज हुईं कि वे 13वीं मंजिल तक जा पहुँचीं. आसमान में उठते काले धुएं के गुबार को कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था. घटना के वक्त ज्यादातर लोग अपने घरों में थे, जिससे सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया. फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन करोड़ों की संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई जा रही है.
हाई-राइज में आग लगने के मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंची इमारतों में आग लगने के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
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शॉर्ट सर्किट: खराब वायरिंग या बिजली के उपकरणों पर अत्यधिक लोड
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गैस लीकेज: रसोई में सावधानी न बरतना.
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मानवीय लापरवाही: जलती हुई सिगरेट या माचिस फेंकना.
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ज्वलनशील सामग्री: बिल्डिंग के बाहरी हिस्सों में लगी कम्बस्टीबल क्लैडिंग (Combustible Cladding) आग की गति को कई गुना बढ़ा देती है.
क्या है ‘स्टैक इफेक्ट’? क्यों ऊपर की ओर तेजी से भागती है आग
हाई-राइज बिल्डिंगों में आग फैलने का सबसे बड़ा विलेन ‘स्टैक इफेक्ट’ (Stack Effect) होता है. दरअसल, जब इमारत के भीतर आग लगती है, तो गर्म हवा और धुआं हल्का होकर ऊपर की ओर भागता है। इस दौरान लिफ्ट शाफ्ट, सीढ़ियां और एसी डक्ट्स एक ‘चिमनी’ की तरह काम करते हैं. यह वैक्यूम की तरह नीचे से हवा खींचते हैं और धुएं व लपटों को तेजी से ऊपरी मंजिलों तक पहुंचा देते हैं. यही वजह थी कि गौर ग्रीन एवेन्यू में 9वीं मंजिल की आग मिनटों में 13वीं मंजिल तक पहुँच गई.
आग का विज्ञान: ‘फायर ट्रायंगल’ को समझना जरूरी
आग लगने और फैलने के पीछे ‘फायर ट्रायंगल’ (Fire Triangle) का हाथ होता है। इसमें तीन चीजें शामिल हैं:
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हीट (गर्मी)
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फ्यूल (ईंधन)
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ऑक्सीजन
आधुनिक घरों में मौजूद सोफे, पर्दे, प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक सामान बेहतरीन ‘ईंधन’ का काम करते हैं. जब इन तीनों का संयोग होता है, तो आग अनियंत्रित हो जाती है. कंडक्शन और रेडिएशन के जरिए गर्मी दीवारों और पाइपों से होती हुई दूसरे कमरों तक पहुंच जाती है.
आग लगने पर क्या करें और क्या न करें?
ऐसी आपातकालीन स्थिति में आपकी सूझबूझ जान बचा सकती है:
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लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें: आग के दौरान बिजली कट सकती है और आप लिफ्ट में फंस सकते हैं. हमेशा सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.
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फायर अलार्म: अलार्म बजते ही बिना देरी किए बाहर निकलें.
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धुएं से बचाव: यदि धुआं ज्यादा हो, तो जमीन के करीब झुककर या रेंगकर बाहर निकलें, क्योंकि शुद्ध हवा नीचे की तरफ होती है.
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शांत रहें: घबराहट में गलत फैसले लेने से बचें और फायर ब्रिगेड के निर्देशों का पालन करें.
गाजियाबाद की इस घटना ने एक बार फिर हाई-राइज इमारतों के फायर ऑडिट और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

