Karnataka CM Change : कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने और नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी अटकलों पर अब कांग्रेस आलाकमान ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है. दिल्ली में आयोजित एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही तमाम खबरें महज अफवाह और निराधार हैं.
Karnataka CM Change:केसी वेणुगोपाल ने दिया बड़ा अपडेट
कांग्रेस के संगठन महासचिव और राज्यसभा सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने दिल्ली में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कर्नाटक को लेकर आज जो बैठक हुई है, उसका मुख्यमंत्री बदलने से कोई लेना-देना नहीं है.
“बाकी जो भी अटकलें लगाई जा रही थीं, वह पूरी तरह निराधार और गलत हैं। इन अफवाहों में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है।” — केसी वेणुगोपाल, कांग्रेस सांसद
“No reality at all in the speculation”
Congress leader KC Venugopal sought to put an end to rumours of a Karnataka leadership change after marathon meetings in Delhi with Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Siddaramaiah and DK Shivakumar
He said talks were solely… https://t.co/NoVi5SqqAS pic.twitter.com/I47OmTRaCM
— Nabila Jamal (@nabilajamal_) May 26, 2026
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
के.सी. वेणुगोपाल ने बताया कि इस व्यापक चर्चा में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मुख्य रूप से शामिल रहे. उनके साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी इस बैठक में मौजूद थे. शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के कारण ही इस बैठक को लेकर सियासी बाजार गर्म हो गया था.
सीएम पद नहीं, यह था बैठक का असली एजेंडा
वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि पूरी बैठक का फोकस आगामी चुनावों की रणनीति पर था. उन्होंने कहा, “आज पूरी चर्चा आगामी राज्यसभा चुनाव और कर्नाटक के विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर विस्तृत रूप से हुई है. आप लोग (मीडिया) जो भी अनुमान लगा रहे हैं, उस पर कोई बात नहीं हुई. आज हमने सिर्फ पार्षद चुनाव और राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों को लेकर मंथन किया है.”
कब होगी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा?
कांग्रेस सांसद ने बताया कि कर्नाटक की राज्यसभा और विधान परिषद सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा. खास बात यह है कि कर्नाटक के उम्मीदवारों की घोषणा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड जैसे अन्य राज्यों की सीटों के उम्मीदवारों के साथ ही संयुक्त रूप से की जाएगी. उन्होंने दोहराया कि आज की बैठक में इसके अलावा किसी और विषय पर चर्चा नहीं हुई.
क्यों लग रही थीं नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें?
दरअसल, साल 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की प्रचंड जीत के बाद से ही सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सत्ता की साझेदारी (Power Sharing) को लेकर कयास लगते रहे हैं. डीके शिवकुमार के समर्थकों का दावा रहा है कि चुनाव के बाद उन्हें ढाई साल बाद मुख्यमंत्री पद देने का वादा किया गया था. कर्नाटक सरकार के तीन साल पूरे होने पर इन अटकलों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया था, जिसे अब कांग्रेस नेतृत्व ने सिरे से खारिज कर दिया है.

