उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ CM Yogi ने गोरखपुर को ₹995 करोड़ से अधिक की लागत वाली 14 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग कभी आस्था पर प्रहार करते थे, आज वही सबसे बड़े आस्थावान बनने का ठेका ले रहे हैं.
जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाईं वो आज आस्था का ठेका ले रहे हैं: CM Yogi
लोकार्पण समारोह के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, “जिन लोगों ने रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण के मार्ग में बाधाएं खड़ी कीं, रामभक्तों पर गोलियां चलाईं और उच्चतम न्यायालय तक में विरोध करने के लिए अधिवक्ता खड़े किए, आज जब वे लोग इन मुद्दों पर बड़े-बड़े उपदेश देते हैं तो बेहद हास्यास्पद लगता है.”
वर्ष 2017 के पहले दंगे होते थे, अराजकता चरम पर थी…
जो आस्था पर उस समय प्रहार करते थे, आज वे सबसे बड़े आस्थावान बनने का ठेका ले चुके हैं… pic.twitter.com/B6IQXKOaPc
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 23, 2026
सुरक्षा और किसान कल्याण पर भी विपक्ष को घेरा
विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने समय में किसानों के हक को छीना और बेटियों व व्यापारियों के सामने सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा किया, वे आज विकास और न्याय की बातें कर रहे हैं.
गोरखपुर को ₹995 करोड़ की सौगात
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के विकास के लिए ₹995 करोड़ से अधिक की 14 बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी. इन परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे, रोजगार और जनसुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। सीएम ने दोहराया कि राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है.
सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में लगाया ‘जनता दर्शन’
विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ ही मुख्यमंत्री ने जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाया। उन्होंने सुबह गोरखपुर के प्रसिद्ध श्री गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों लोगों की समस्याएं सुनीं.
लोकमंगल की भावना के साथ सीएम योगी खुद एक-एक कर फरियादियों के पास पहुंचे, उनकी शिकायतों को बेहद संवेदनशीलता से सुना और उनके प्रार्थना पत्र स्वीकार किए. मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण के सख्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम करने को कहा गया है ताकि न्याय समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके.
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