सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी CM Pushkar Singh Dhami ने देहरादून में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का उद्घाटन किया.
इस विशेष प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और स्थानीय महिला उद्यमियों को उनके उत्पादों की बिक्री और ब्रांडिंग के लिए एक बेहतर मंच प्रदान करना है.
महिला स्वयं सहायता समूहों को मिला बड़ा बाजार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्टॉलों पर भी गए और इन समूहों से जुड़ी महिलाओं का हौसला बढ़ाया.
सीएम ने कहा, “पिछले कुछ सालों में, हमने रक्षा बंधन के त्योहार पर ‘सशक्त बहना योजना’ शुरू की है. इस स्कीम के तहत, हमारी महिलाएं कई तरह के प्रोडक्ट बनाती हैं, जिसमें बाजरा, सिले और बुने हुए आइटम, ऊनी प्रोडक्ट, प्रसाद, लड्डू, खाने की चीज़ें, जैम, अचार और बाजरे से बने बेकरी प्रोडक्ट शामिल हैं. यहां सुंदर राखियां और रक्षा बंधन के दूसरे आइटम भी दिखाए गए हैं. मकसद इन सभी प्रोडक्ट को एक कॉमन प्लेटफॉर्म और मार्केटिंग का मौका देना है. इन महिलाओं के बनाए प्रोडक्ट बहुत अच्छी क्वालिटी के होते हैं.”
#WATCH उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का उद्घाटन किया। स्टॉलों का दौरा करके मुख्यमंत्री ने इन समूहों से जुड़ी महिलाओं का हौसला बढ़ाया।
मुख्यमंत्री धामी ने स्थानीय… pic.twitter.com/ymAUcy5CGl
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 24, 2026
CM Pushkar Singh Dhami ने खरीदी हस्तनिर्मित राखियां
इस उत्सव में राज्य के विभिन्न ब्लॉकों से आईं महिलाओं ने अपने हाथ से बने उत्पादों का प्रदर्शन किया. स्टॉलों पर विशेष रूप से हस्तनिर्मित आकर्षक राखियां, स्थानीय मिलेट्स (मोटी अनाज) से बने व्यंजन, पारंपरिक पहाड़ी उत्पाद, अचार, जैम और हस्तशिल्प के कपड़े प्रदर्शित किए गए. मुख्यमंत्री धामी ने खुद इन स्टॉलों से हस्तनिर्मित राखियां खरीदीं और महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की अपील की.
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ की शुरुआत महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ की गई है. महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना के माध्यम से राज्य के सभी विकासखंडों में ऐसे बाजारों का आयोजन किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मातृशक्ति उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ है. जब राज्य की महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी एक समृद्ध और आदर्श उत्तराखंड का सपना पूरी तरह साकार हो सकेगा.
ये भी पढ़ें-उत्तराखंड में रोपवे परियोजनाओं को दे रफ्तार, सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

