Hockey Team Won Gold काकामिगाहारा : भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है. कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ अपना एशियाई खिताब बरकरार रखा, बल्कि एशियन गेम्स में पहली बार लगातार दूसरी बार पुरुष हॉकी का गोल्ड मेडल जीतने का कारनामा भी कर दिखाया.
भारत की इस जीत का एक और बड़ा महत्व है. एशियन गेम्स का पुरुष हॉकी चैंपियन लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालिफाई करता है. यानी मलेशिया पर जीत के साथ भारतीय टीम ने गोल्ड के अलावा LA 2028 का टिकट भी पक्का कर लिया.
A historic day for Indian Sports! 🇮🇳🥇🏑
Our incredible Nari Shakti has conquered Asia! Heartiest congratulations to the Indian Women’s Hockey Team on stunning defending champions China 1-0 to clinch GOLD at the #AsianGames2026.
By ending a 44-year wait since 1982, our… pic.twitter.com/oz0eCTTJgM
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) October 2, 2026
Hockey Team Won Gold:फाइनल में भारत का शानदार दबदबा
भारत और मलेशिया के बीच फाइनल की शुरुआत काफी जबर्दस्त रहा. पहले क्वार्टर में दोनों टीमों ने आक्रामक हॉकी खेली और मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा. मलेशिया की ओर से शेलो सिल्वेरियस ने गोल किया, जबकि भारत ने भी जल्द ही बराबरी हासिल कर ली.
पहले क्वार्टर के बाद भारतीय टीम ने अपनी रणनीति बदली और मलेशियाई डिफेंस पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया. दूसरे क्वार्टर से भारत ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू की और हाफ टाइम तक टीम इंडिया 2-1 से आगे हो गई.
इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. तीसरे और चौथे क्वार्टर में भारत ने लगातार गोल दागे और मलेशिया को वापसी का कोई मौका नहीं दिया. आखिरकार फुल टाइम तक स्कोर 5-1 हो गया.
पेनल्टी कॉर्नर से बरसे गोल
भारत की जीत में पेनल्टी कॉर्नर ने अहम भूमिका निभाई. टीम इंडिया ने मुकाबले में कुल 14 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए और इन मौकों का लगातार दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया.
कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर दो गोल किए. जुगराज सिंह ने भी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत की बढ़त मजबूत की.
वहीं हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल किया. भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा ने फील्ड गोल कर टीम के आक्रमण की ताकत दिखाई.
इस तरह भारत के पांच गोल अलग-अलग परिस्थितियों में आए और टीम ने पूरे मुकाबले में मलेशियाई डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा.
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में एक और बड़ी उपलब्धि
इस ऐतिहासिक जीत में कप्तान हरमनप्रीत सिंह की भूमिका बेहद अहम रही. वह भारतीय टीम के प्रमुख ड्रैग-फ्लिकर होने के साथ-साथ लंबे समय से टीम की अगुवाई कर रहे हैं.
हॉकी इंडिया ने 2026 एशियन गेम्स के लिए घोषित टीम की कप्तानी हरमनप्रीत को सौंपी थी. भारत इससे पहले 2023 में हुए हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी उनके नेतृत्व में गोल्ड जीत चुका था.
अब जापान में मिली यह जीत उनकी कप्तानी में लगातार दूसरा एशियन गेम्स गोल्ड है.
पहली बार भारत ने लगातार दो बार जीता हॉकी गोल्ड
भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का स्वर्ण पहले भी कई बार जीता है, लेकिन इस बार उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि भारत ने पहली बार अपने एशियन गेम्स पुरुष हॉकी खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया है.
हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट से पहले ही बताया था कि भारत 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स का डिफेंडिंग चैंपियन है और टीम का लक्ष्य जापान में लगातार दूसरी बार गोल्ड जीतना है.
भारत ने इससे पहले ग्रुप चरण में भी शानदार प्रदर्शन किया था. टीम ने इंडोनेशिया, श्रीलंका, जापान, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश को हराकर पूल ए में शीर्ष स्थान हासिल किया था. भारत ने ग्रुप चरण में +45 के गोल अंतर के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई थी.
सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराकर फाइनल में पहुंचा था भारत
गोल्ड मेडल मुकाबले से पहले भारत ने सेमीफाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को बेहद रोमांचक मुकाबले में 4-3 से हराया था. मुकाबले में भारत ने शुरुआत में बढ़त बनाई, लेकिन पाकिस्तान ने वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया.
निर्णायक क्षणों में भारत ने आखिरी समय में गोल करके फाइनल में अपनी जगह पक्की की. इसके बाद मलेशिया के खिलाफ फाइनल में टीम ने शुरुआत के दबाव से निकलकर एकतरफा अंदाज में 5-1 की जीत दर्ज की.
भारत को मिला LA 2028 ओलंपिक का टिकट
मलेशिया के खिलाफ फाइनल जीतने का मतलब सिर्फ एशियन गेम्स गोल्ड हासिल करना नहीं है. भारत ने इसके साथ लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन भी हासिल कर लिया है.
एशियन गेम्स पुरुष हॉकी चैंपियन को LA 2028 के लिए महाद्वीपीय कोटा मिलता है. यही कारण था कि इस फाइनल को भारतीय टीम के लिए दोहरी अहमियत वाला मुकाबला माना जा रहा था.
महिला टीम के बाद पुरुष टीम ने भी किया कमाल
भारतीय हॉकी के लिए एशियन गेम्स 2026 बेहद खास रहा. इससे एक दिन पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता था. महिला टीम ने 44 साल के लंबे अंतराल के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किया था.
अब पुरुष टीम ने भी अपना खिताब बरकरार रखकर भारतीय हॉकी के लिए एक ही एशियन गेम्स में महिला और पुरुष दोनों वर्गों में गोल्ड का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है.
भारत की पदक तालिका में भी बढ़ी ताकत
पुरुष हॉकी में गोल्ड मिलने के बाद भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 21 हो गई. इससे भारत पदक तालिका में उज्बेकिस्तान से आगे निकलकर चौथे स्थान की दौड़ में पहुंचा. भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 का अंतिम दिन बेहद शानदार रहा है. पुरुष हॉकी गोल्ड से पहले भारतीय खिलाड़ियों ने क्रिकेट, कुश्ती, तीरंदाजी और गोल्फ समेत कई स्पर्धाओं में भी महत्वपूर्ण पदक हासिल किए.
भारत की हॉकी में नई ऐतिहासिक लकीर
मलेशिया के खिलाफ 5-1 की जीत ने भारत को सिर्फ एक और एशियन गेम्स गोल्ड नहीं दिया, बल्कि भारतीय पुरुष हॉकी के इतिहास में एक नई उपलब्धि दर्ज कर दी. पहली बार भारत ने लगातार दो एशियन गेम्स में पुरुष हॉकी का स्वर्ण जीता है.
अब इस स्वर्ण पदक के साथ भारतीय टीम का अगला बड़ा लक्ष्य LA 2028 ओलंपिक होगा, जहां टीम एशियन चैंपियन के रूप में सीधे क्वालिफाई कर चुकी है.

