Haldwani Development हल्द्वानी/ऊधमसिंह नगर : उत्तराखंड में शहरों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं, आकर्षक स्वरूप और सुनियोजित विकास से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में आवास एवं राज्य संपत्ति सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर जिले में विभिन्न प्रस्तावित और निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को परियोजनाओं में गुणवत्ता, समयबद्धता और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. प्रस्तावित परियोजनाओं में शहरों के प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण, पार्कों का विकास, हरितीकरण, ओपन जिम और जनसुविधाएं शामिल हैं. वहीं ऊधमसिंह नगर में बस अड्डे, स्टेडियम तथा पार्किंग-कमर्शियल कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाओं की प्रगति भी परखी गई.
Haldwani Development:हैराखान और कुसुमखेड़ा चौराहों को मिलेगी नई पहचान
हल्द्वानी शहर के प्रमुख चौराहों को आकर्षक और थीम आधारित स्वरूप देने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत हैराखान चौराहे पर मानसखंड थीम आधारित रोटरी विकसित की जाएगी।
वहीं कुसुमखेड़ा चौराहे पर नारी शक्ति थीम आधारित रोटरी बनाने का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं के जरिए सिर्फ चौराहों का सौंदर्यीकरण ही नहीं किया जाएगा, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और राज्य की नारी शक्ति को भी सार्वजनिक स्थलों के माध्यम से प्रदर्शित करने की योजना है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर के प्रमुख प्रवेश और आवागमन मार्गों पर स्थित चौराहों को एक अलग पहचान मिलने की उम्मीद है।
डीके पार्क में बनेगा ओपन जिम, बढ़ेगी हरियाली
रामलीला मैदान के पास स्थित डीके पार्क के सौंदर्यीकरण और विकास की भी योजना बनाई गई है। पार्क में आम लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ओपन जिम उपकरण लगाए जाने प्रस्तावित हैं।
इसके साथ ही नरीमन क्षेत्र से करीब 200 मीटर लंबे मार्ग के रोड मीडियन में वृक्षारोपण और हरितीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य शहर के सार्वजनिक स्थानों को अधिक हरा-भरा और उपयोगी बनाना है।
इन कार्यों के अनुमान तैयार किए जा चुके हैं और टेंडर प्रक्रिया की तैयारी चल रही है। प्रस्तावित कार्यों के लिए इसी माह टेंडर आमंत्रित किए जाने की योजना है।
हाईकोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि का भी निरीक्षण
स्थलीय निरीक्षण के दौरान हाईकोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को प्रस्तावित स्थल और परियोजना से संबंधित जानकारी दी।
सचिव ने संबंधित अधिकारियों को सभी परियोजनाओं में आपसी समन्वय बनाए रखते हुए आगे बढ़ने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो।
रुद्रपुर में इंडोर-आउटडोर स्टेडियम की तैयारी
हल्द्वानी के बाद ऊधमसिंह नगर जिले में भी विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। रुद्रपुर में मोदी मैदान के पास प्रस्तावित इंडोर और आउटडोर स्टेडियम की कार्ययोजना और ले-आउट का निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने पूर्व में दिए गए सुझावों और संशोधनों को कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
स्टेडियम परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में खेल सुविधाओं को मजबूत करना और खिलाड़ियों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है।
किच्छा का आधुनिक बस अड्डा 12.48 करोड़ में तैयार
किच्छा के खुर्पिया फार्म में करीब 3.50 एकड़ भूमि पर विकसित किए गए आधुनिक बस अड्डे का भी निरीक्षण किया गया। इस परियोजना पर 12.48 करोड़ रुपये की लागत आई है।
परियोजना पूरी होने के बाद बस अड्डे को 15 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड परिवहन विभाग को हस्तांतरित किया जा चुका है।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने निर्माण की गुणवत्ता की सराहना की। इस बस अड्डे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह एम्स सैटेलाइट सेंटर और पंतनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नजदीक स्थित है। ऐसे में आने वाले समय में यह क्षेत्रीय यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में उपयोगी हो सकता है।
सितारगंज में 9.75 करोड़ का पार्किंग और पार्क कॉम्प्लेक्स
सितारगंज के मुख्य बाजार में भी यातायात और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम चल रहा है। यहां 3.51 एकड़ भूमि पर 9.75 करोड़ रुपये की लागत से पार्क एवं पार्किंग कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है।
परियोजना में कुल 48 वाहनों की पार्किंग के साथ 12 आधुनिक दुकानों का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा प्रसाधन सुविधाएं, ओपन जिम, बच्चों के लिए प्ले एरिया और लैंडस्केपिंग भी परियोजना का हिस्सा हैं।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने बचे हुए फिनिशिंग कार्यों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
‘विकास का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे’
आवास एवं राज्य संपत्ति सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से प्रस्तावित और निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। शहरों में सौंदर्यीकरण, हरितीकरण, पार्क, रोटरी और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारने पर जोर दिया जा रहा है।
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो और निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा किया जाए।
शहरों में विकास और विरासत का मेल
हल्द्वानी की प्रस्तावित मानसखंड और नारी शक्ति थीम आधारित रोटरी को केवल सौंदर्यीकरण परियोजना के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इनका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों के जरिए उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय विरासत को भी सामने लाना है।
वहीं डीके पार्क में ओपन जिम और हरितीकरण जैसे कार्य सीधे तौर पर नागरिक सुविधाओं और शहर के पर्यावरणीय स्वरूप से जुड़े हैं। इसी तरह किच्छा का बस अड्डा और सितारगंज का पार्किंग कॉम्प्लेक्स रोजमर्रा की आवाजाही और स्थानीय व्यापार से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हैं।
इस तरह हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर में प्रस्तावित तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं का फोकस शहरी सौंदर्यीकरण, परिवहन, खेल सुविधाओं, हरित क्षेत्र और आम नागरिकों की सुविधा—इन सभी क्षेत्रों को साथ लेकर चलने पर है।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, सिंचाई विभाग, उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम और आवास विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। इनमें जय किशन, उपाध्यक्ष जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण ऊधमसिंह नगर; पंकज कुमार उपाध्याय, सचिव; पी.के. दीक्षित, अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग; नरेंद्र नवानी, परियोजना प्रबंधक उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम; कैलाश डुंगवाल, सहायक अभियंता समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।
संयुक्त सचिव ए.पी. बाजपेयी, सहायक अभियंता अभिषेक, अवर अभियंता समीर अहमद तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी निरीक्षण में उपस्थित रहे।
अब निगरानी से निर्माण तक अगला फोकस
हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर में निरीक्षण के बाद अब प्रमुख चुनौती इन योजनाओं को कागज से धरातल तक तय समय में पहुंचाने की होगी। हल्द्वानी में जहां नई थीम आधारित रोटरी और पार्क विकास की टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़नी है, वहीं रुद्रपुर, किच्छा और सितारगंज की परियोजनाओं में निर्माण एवं फिनिशिंग कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करना प्राथमिकता है।
सरकार की ओर से गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिए गए जोर के बीच इन परियोजनाओं की प्रगति आने वाले समय में यह तय करेगी कि शहरी विकास की इन योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक कितनी तेजी से पहुंचता है।

