UP के शिक्षामित्रों की बल्ले-बल्ले: योगी सरकार ने मानदेय में की ₹8,000 की भारी बढ़ोतरी, अब हर महीने मिलेंगे ₹18,000; साथ में मुफ्त इलाज का तोहफा!

UP Teacher Salary increased :  लखनऊ/वाराणसी: उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए साल 2026 की शुरुआत एक नई उम्मीद और बड़े आर्थिक बदलाव के साथ हुई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के शिक्षा विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को अब तक का सबसे बड़ा तोहफा देते हुए उनके मानदेय में भारी वृद्धि करने के  निर्णय को लागू कर दिया है.सरकार के इस कदम से न केवल शिक्षकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य बीमा की सौगात भी दी गई है.

UP Teacher Salary increased:मानदेय में ऐतिहासिक उछाल

योगी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय को सीधे ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया है. इसका अर्थ है कि उनके मासिक वेतन में ₹8,000 की सीधे तौर पर वृद्धि हुई है, जो लगभग 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी है. इसी तरह, स्कूलों में कार्यरत अनुदेशकों के मानदेय में भी जबरदस्त इजाफा किया गया है. अब अनुदेशकों को ₹9,000 की जगह ₹17,000 प्रति माह मानदेय दिया जाएगा. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बढ़ा हुआ वेतन 1 अप्रैल 2026 से ही प्रभावी हो गया है, यानी शिक्षकों को इसी अप्रैल महीने की सैलरी में यह बढ़ी हुई राशि जुड़कर मिलेगी.

स्वास्थ्य सुरक्षा: ₹5 लाख का कैशलेस इलाज

वेतन में वृद्धि के अलावा, सरकार ने एक बेहद संवेदनशील फैसला लेते हुए शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को ₹5 लाख तक की कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट की सुविधा देने का ऐलान किया है. अब इन शिक्षकों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी की स्थिति में अस्पताल के खर्चों की चिंता नहीं करनी होगी. आयुष्मान योजना की तर्ज पर मिलने वाली यह सुविधा शिक्षामित्रों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित होगी.

वाराणसी से सीएम योगी की पुष्टि

इस ऐतिहासिक फैसले की नींव फरवरी 2026 में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान ही रख दी गई थी, जहाँ मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की थी. हालांकि, 4 अप्रैल 2026 को वाराणसी में आयोजित एक जनसभा के दौरान सीएम योगी ने व्यक्तिगत रूप से इसकी पुष्टि की और बताया कि उनकी सरकार ने वादे के मुताबिक अप्रैल महीने से ही इस बढ़ोतरी को लागू कर दिया है. मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश भर के शिक्षा जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है.

किसे और कितना मिलेगा लाभ?

सरकार के इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के लगभग 2 लाख परिवारों पर पड़ेगा. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस योजना से प्रदेश के करीब 1.43 लाख से 1.70 लाख शिक्षामित्र सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे. वहीं, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे लगभग 24,000 से 25,000 अनुदेशकों के जीवन स्तर में भी इससे बड़ा सुधार आएगा.

शिक्षक संगठनों ने जताया आभार

सरकार के इस कदम का शिक्षामित्रों और विभिन्न शिक्षक संगठनों ने खुले दिल से स्वागत किया है. संगठनों का कहना है कि वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह ₹8,000 की बढ़ोतरी किसी संजीवनी से कम नहीं है. शिक्षकों का मानना है कि इस निर्णय से न केवल उनका आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि स्कूलों में अध्यापन के प्रति उनका मनोबल और ऊर्जा भी पहले से कहीं अधिक बढ़ जाएगी. कई जिलों में शिक्षामित्रों ने मिठाई बांटकर और आतिशबाजी कर इस फैसले का जश्न मनाया है.

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