Ram Mandir Chanda Chori : अयोध्या: ब्रह्मलीन महंत परमहंस रामचंद्र दास जी महाराज के पुण्य स्मृति महामहोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले पर भी प्रतिक्रिया दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में जांच और कार्रवाई जारी है तथा दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है.
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि राम जन्मभूमि में चढ़ावे से संबंधित मामला सामने आने के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की सिफारिश पर एसआईटी गठित की गई और जांच के आधार पर कार्रवाई की गई.
Ram Mandir Chanda Chori:’दूध का दूध, पानी का पानी होगा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ अपराध से संबंधित कार्रवाई हुई है, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट दोनों पूरी तरह कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध हैं.
उन्होंने कहा कि मामले को लेकर किसी को भी भ्रम में रहने की जरूरत नहीं है और जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
अयोध्या को लेकर सतर्क रहने की जरूरत: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अयोध्या और राम जन्मभूमि को लेकर सतर्क रहने की बात कही. उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इसे लेकर समाज को सजग रहना होगा.
योगी ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए संतों ने लंबे समय तक संघर्ष किया. उन्होंने महंत परमहंस रामचंद्र दास महाराज समेत राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संतों के योगदान को याद किया.
‘निशाना अयोध्या और राम जन्मभूमि’: CM योगी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग सत्ता के लिए देशहित की कीमत पर राजनीति करते हैं. उन्होंने विपक्षी दलों की राजनीतिक गतिविधियों और उनके धार्मिक स्थलों पर जाने को लेकर भी टिप्पणी की.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को ऐसे लोगों को पहचानने और उनसे सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि उनके अनुसार सनातन धर्म, अयोध्या धाम और श्री राम जन्मभूमि को निशाना बनाया जा रहा है.
संतों के संघर्ष को बताया प्रेरणादायक
महंत परमहंस रामचंद्र दास जी महाराज के पुण्य स्मृति कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान संतों के संघर्ष को याद किया. उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में संतों ने आंदोलन को आगे बढ़ाया और उनका तप एवं साधना समाज के लिए प्रेरणा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सपना लंबे संघर्ष के बाद पूरा हुआ है. ऐसे में इससे जुड़ी संस्थाओं और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनाए रखना महत्वपूर्ण है.

