Swatantra Bhardwaj Bail नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुई मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें अब और बढ़ती दिखाई दे रही हैं. उसके खिलाफ नाबालिग से जुड़ी शिकायत पर POCSO एक्ट, BNS और IT एक्ट की धाराओं में अलग FIR दर्ज की गई है. ताजा जानकारी के मुताबिक नई FIR में BNS की धारा 78, 79 और 351 के अलावा POCSO की धारा 12 और IT एक्ट की धारा 67 लगाई गई हैं.
यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि स्वतंत्र भारद्वाज पहले ही जंतर-मंतर मारपीट मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा बुलंदशहर से गिरफ्तार किया जा चुका है. 5 सितंबर को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां एक दिन की पुलिस रिमांड दी गई.
Swatantra Bhardwaj को POCSO धारा लगने के बाद भी मिलेगी जमानत ?
POCSO एक्ट की धारा 12 बच्चे के यौन उत्पीड़न से संबंधित है और इसमें अधिकतम तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है. दिल्ली हाईकोर्ट ने R.K. Tarun बनाम Union of India मामले में इस प्रावधान की जमानती/गैर-जमानती प्रकृति पर मौजूद कानूनी स्थिति पर विचार किया था. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट के Santosh Kumar Mandal फैसले में धारा 12 को संज्ञेय और गैर-जमानती माना गया था.
इसलिए फिलहाल ये मानना कि स्वतंत्र भारद्वाज को इस FIR में जमानत स्वतः मिल जायेगी, इसमें थोड़ा संशय है . जमानत का फैसला अदालत आरोपों, केस डायरी, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच की स्थिति को देखते हुए करेगी.
FIR में लगी 5 धाराएं क्या कहती हैं?
BNS धारा 78- पीछा करना (Stalking)
यह धारा किसी महिला का बार-बार पीछा करने, संपर्क करने या उसकी इंटरनेट, ई-मेल अथवा इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों पर निगरानी से संबंधित है. पहली बार दोषसिद्धि पर तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है. पहली बार का अपराध जमानती है, जबकि दूसरी या बाद की दोषसिद्धि पर अपराध गैर-जमानती हो जाता है.
BNS धारा 79- महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना
किसी महिला की गरिमा का अपमान करने वाले शब्द, इशारे, कृत्य या उसकी निजता में दखल इस धारा के दायरे में आ सकते हैं. इसमें तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है और यह जमानती अपराध है.
BNS धारा 351- आपराधिक धमकी
किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर भय पैदा करने या उसे कोई काम करने अथवा न करने के लिए मजबूर करने से संबंधित प्रावधान है. सामान्य आपराधिक धमकी के मामले में दो साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. यह सामान्य रूप से जमानती अपराध है। हालांकि धमकी की प्रकृति के आधार पर धारा 351 के अलग प्रावधान लागू हो सकते हैं.
POCSO धारा 12- बच्चे का यौन उत्पीड़न
यह धारा बच्चे के यौन उत्पीड़न से संबंधित है. इसमें तीन साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है. इस धारा की जमानती प्रकृति को लेकर न्यायिक व्याख्या महत्वपूर्ण है और दिल्ली हाईकोर्ट के फैसलों में इसे संज्ञेय एवं गैर-जमानती माना गया है.
IT एक्ट धारा 67- अश्लील सामग्री का इलेक्ट्रॉनिक प्रकाशन/प्रसारण
यह प्रावधान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री के प्रकाशन या प्रसारण से जुड़ा है. इस धारा के तहत सजा और जमानत का सवाल आरोपों और लागू उपधारा के साथ-साथ मामले की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकता है.
जंतर-मंतर विवाद से कैसे जुड़ा है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट से हुई थी. रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शन में नाबालिग लड़की अपने पिता के साथ पहुंची थी. आरोप है कि विवाद के दौरान लड़की के पिता के साथ मारपीट हुई. बाद में एक पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज पर कथित तौर पर हमले की बात स्वीकार करने का दावा किया गया. स्वतंत्र की ओर से इसे आत्मरक्षा का मामला बताया गया है.
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया. मामले में SC-ST एक्ट जोड़े जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है.
नाबालिग की शिकायत के बाद दर्ज हुई नई FIR
मारपीट के विवाद के बीच नाबालिग लड़की की ओर से सोशल मीडिया पर कथित गाली-गलौज, धमकी और आपत्तिजनक/मॉर्फ्ड तस्वीरों से संबंधित शिकायत भी सामने आई. इसके बाद पुलिस ने अलग FIR दर्ज की, जिसमें POCSO और IT एक्ट की धाराएं शामिल की गईं.
अब जांच का दायरा सिर्फ जंतर-मंतर की मारपीट तक सीमित नहीं है. पुलिस को नाबालिग से जुड़ी शिकायत, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित ऑनलाइन सामग्री की भी जांच करनी होगी.
स्वतंत्र भारद्वाज को जंतर-मंतर मामले में पहले ही पुलिस रिमांड पर भेजा जा चुका है. नई POCSO FIR के बाद उनके खिलाफ कानूनी स्थिति और गंभीर हो गई है. जमानत मिलेगी या नहीं, यह केवल FIR में धाराओं की संख्या देखकर तय नहीं किया जा सकता. खास तौर पर POCSO की धारा 12 की प्रकृति को देखते हुए अदालत आरोपों और जांच की परिस्थितियों पर विचार करेगी.

