दिल्ली नहीं पहुंच पाए किसान, मेरठ कलेक्ट्रेट पर मोर्चा; CJP के समर्थन में कई शहरों में प्रदर्शन

CJP Protest: दिल्ली में आज हो (10 अक्टूबर) को  CJP (कॉकोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन को लेकर अभूतपूर्व सिक्योरिटी तैनात की गई है. तंतर मंतर समेत मध्य दिल्ली के सभी इलाकों में जबर्दस्त बैरिकेटडिम और जवानों की तैनाती है. इसके बावजूद लाखों की संख्या में देश के अलग- अलग हिस्सों से आये समर्थक दिल्ली के अंदर आये है,और जो लोग दिल्ली के अंदर  प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं, वे लोग जो जहां है, वहीं से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं. उत्तर प्रदेश से दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर रहे किसानों और दूसरे संगठनों के कार्यकर्ताओं को कई जगह रोका गया. इसका असर अब दिल्ली से बाहर भी दिखाई देने लगा है. उत्तर प्रदेश के मेरठ में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरने पर बैठ गए हैं. वहीं, चंडीगढ़ में भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हुआ है.

CJP Protest:मेरठ में किसानों का कलेक्ट्रेट पर धरना,DM को बुलाने की मांग

मेरठ में दिल्ली जाने से रोके जाने के बाद भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर मोर्चा खोल दिया. किसान जिलाधिकारी वीके सिंह के मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लेने की मांग कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि जब उन्हें दिल्ली में प्रदर्शन के लिए आगे नहीं जाने दिया जा रहा, तो उनकी बात जिला मुख्यालय पर सुनी जाए.

प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और किसानों के बीच गतिरोध बना हुआ है. किसानों ने देहात से और लोगों को बुलाने का आह्वान किया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जिलाधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे, तो नवरात्र में कलेक्ट्रेट परिसर में ही देवी पूजन किया जाएगा.

नए एडीएम सिटी के कार्यभार संभालने के शुरुआती 24 घंटों में ही यह विरोध-प्रदर्शन प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है. हालांकि, अधिकारियों की घबराहट या उनकी मनोदशा को लेकर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है. फिलहाल, किसानों के धरने और उनकी मांग पर प्रशासन का रुख घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण है.

 दिल्ली के बाहर कहां-कहां हुआ CJP आंदोलन का असर?

मेरठ, उत्तर प्रदेश — कलेक्ट्रेट पर किसानों का धरना

दिल्ली कूच के दौरान रोके गए भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता मेरठ कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठ गए। किसानों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन लेने की मांग की.

Meerut:डीएम कार्यालय जाने से रोके गए किसान, कमिश्नरी चौराहे पर धरना, आंदोलन तेज करने की चेतावनी - Farmers Stopped From Marching To Dm Office, Sit On Protest At Commissioner Chowk, Warn Of Bigger Agitation - Amar Ujala Hindi News Live

चंडीगढ़ — AAP नेताओं का प्रदर्शन, कई हिरासत में

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के पास प्रदर्शन किया. मनीष सिसोदिया और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आंदोलन का समर्थन किया. सिसोदिया समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया.

Punjab AAP leaders protest Manish Sisodia’s arrest; detained for an hour in Chandigarh - The Tribune

3. दिल्ली — जंतर-मंतर से दूसरे इलाकों तक पुलिस कार्रवाई

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक शुरुआती घंटो में ही 500 सौ से अधिक लोगों को हिरासत में ले लिया गया है.समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी के दूसरे हिस्सों में भी छोटे प्रदर्शन हुए और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है.
Who are India's 'Cockroach' Party? The youth movement leading Modi's biggest challenge in years | SBS News | SBS News

 

यूपी के दूसरे शहरों में भी अलर्ट, कई जगह आवाजाही पर रोक

CJP के प्रदर्शन को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मेरठ, बरेली, गाजियाबाद और नोएडा समेत कई इलाकों में पुलिस सतर्क रही. लखनऊ, आगरा, प्रयागराज और वाराणसी में प्रस्तावित प्रदर्शनों पर भी निगरानी रखी जा रही थी. हालांकि, इन सभी शहरों में प्रदर्शन होने की पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए इन्हें वास्तविक प्रदर्शन स्थलों के बजाय प्रशासन की निगरानी वाले शहरों के रूप में देखना चाहिए.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस ने दिल्ली जाने वाले रास्तों और टोल प्लाजा पर जांच बढ़ाई. शामली में किसान कार्यकर्ताओं को रोके जाने की खबरें आईं, जबकि बागपत रेलवे स्टेशन पर भी युवाओं से पूछताछ की गई. समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और विधायक पंकज मलिक को भी दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई.
किसानों के समर्थन में राकेश टिकैत की अपील

भारतीय किसान यूनियन ने CJP के दिल्ली प्रदर्शन को समर्थन दिया था. संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों और समर्थकों से दिल्ली पहुंचने अथवा अपने-अपने जिलों के मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने की अपील की थी. पंजाब के क्रांतिकारी किसान यूनियन ने भी आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की थी.

इसी अपील के बाद मेरठ में कलेक्ट्रेट पर किसानों का धरना महत्वपूर्ण हो गया है. दिल्ली में प्रदर्शन रोकने की कोशिशों के बीच स्थानीय स्तर पर विरोध दर्ज कराने का यह तरीका आंदोलन को दूसरे जिलों तक ले जा सकता है.
आखिर CJP क्यों कर रही है प्रदर्शन?

CJP और उसके समर्थकों का मुख्य विरोध मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर है. प्रदर्शनकारी आरोप लगाते हैं कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और इससे नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है.

CJP ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई है. दूसरी ओर, निर्वाचन सूची के पुनरीक्षण को लेकर लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्यों के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए. यह विवाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता अधिकारों और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही से जुड़ा है.

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