SIR पर राहुल गांधी को अमित शाह की खुली चुनौती, बोले- संसद में हर मुद्दे पर बहस को तैयार सरकार

Amit Shah Rahul Gandhi Debate रायपुर: संसद में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के हमलों और राहुल गांधी की चुनौती के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर पलटवार किया है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है. इसमें SIR भी शामिल है. अमित शाह ने राहुल गांधी को बहस की चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा असंवैधानिक सरकारों और नक्सलवाद का समर्थन किया है.

गृह मंत्री बुधवार को नवा रायपुर अटल नगर के कायाबांधा में आयोजित विकसित भारत संकल्प पार्क पीपल वन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने विकास, नक्सलवाद और देश की राजनीतिक स्थिति को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा.

SIR पर राहुल गांधी को बहस की चुनौती

अमित शाह ने कहा कि सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. विपक्ष चाहे तो मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर भी चर्चा हो सकती है.

उन्होंने राहुल गांधी को बहस की चुनौती देते हुए कहा कि विपक्ष को संसद में चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहिए. सरकार हर विषय पर अपनी बात रखने के लिए तैयार है.

SIR को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए. दूसरी ओर, सरकार चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए इस प्रक्रिया को जरूरी बताती रही है.

कांग्रेस पर असंवैधानिक सरकारों का समर्थन करने का आरोप

गृह मंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस पर नक्सलवाद को लेकर भी हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा ऐसी व्यवस्थाओं और सरकारों का समर्थन किया, जिन्हें जनता ने संवैधानिक तरीके से नहीं चुना था.

शाह ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी अपनी अलग सरकार चलाने का दावा करते थे. उनके अपने गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री हुआ करते थे. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर संविधान किसे ऐसी समानांतर सरकार चलाने का अधिकार देता है?

अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने कई निर्दोष पत्रकारों, समाजसेवियों और छात्रों को निशाना बनाया. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में भी ऐसी व्यवस्थाओं का समर्थन करते रहे हैं.

‘अटल जी ने छत्तीसगढ़ बनाया, मोदी जी ने नक्सलमुक्त भारत की राह दिखाई’

अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के गठन और राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया.

उन्होंने कहा, “अटल जी ने छत्तीसगढ़ को बनाया और मोदी जी ने छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त कर विकास की राह दिखाई है. अटल जी ने राम के ननिहाल को पहचान दी.”

शाह ने कहा कि रमन सिंह की सरकार के दौरान राज्य में विकास के कई काम हुए, लेकिन उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, जिसकी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर पर्याप्त इच्छाशक्ति नहीं थी.

उन्होंने कहा कि जिन जंगलों में महुआ और लोकगीतों की गूंज होनी चाहिए थी, वहां बारूदी सुरंगें बिछाई गईं. जिन बच्चों के हाथों में स्कूल का बस्ता होना चाहिए था, उनके हाथों में बंदूक थमा दी गई.

गृह मंत्री ने नक्सलवाद के समर्थकों से सवाल किया कि क्या गरीब आदिवासियों को मानवाधिकारों के साथ जीने का अधिकार नहीं है?

कांग्रेस पर नक्सलवाद को संरक्षण देने का आरोप

अमित शाह ने कांग्रेस पर नक्सलवाद के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के वर्ष 2010 के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय नक्सलियों से हथियार छोड़ने और हिंसा नहीं करने की अपील की गई थी.

शाह ने कहा कि उन्होंने संसद में स्पष्ट किया था कि जो लोग हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, सरकार उनका स्वागत करेगी, लेकिन जो लोग हिंसा और कानून तोड़ने का रास्ता अपनाएंगे, उनके खिलाफ सुरक्षा बल कार्रवाई करेंगे.

उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है. चाहे पूर्वोत्तर हो, बस्तर हो या कश्मीर, कानून तोड़ने और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी रहेगी.

नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई और आदिवासी अधिकारों का मुद्दा

गृह मंत्री ने अपने संबोधन में नक्सलवाद को सिर्फ कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया.

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक आदिवासी इलाकों में विकास प्रभावित हुआ. शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से लोग वंचित रहे.

शाह के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को हिंसा से मुक्त कर वहां विकास की नई संभावनाएं पैदा करना है.

रायपुर में अमित शाह का यह संबोधन ऐसे समय आया है, जब संसद में SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में उनके बयान को कांग्रेस के खिलाफ केंद्र सरकार के राजनीतिक जवाब के तौर पर देखा जा रहा है.

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