मधुबनी (संवाददाता – अजय धारी सिंह) 75 वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जब पद्मश्री पुरस्कार के लिए नाम की घोषणा की गई तो मधुबनी जिले के वार्ड 4 में खुशी की लहर दौड़ गई. मधुबनी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 4 निवासी शिवन पासवान और पत्नी शांति देवी को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित किया गया. Padma Shri Madhubani शिवन पासवान और उनकी पत्नी को मधुबनी में गोदना पेंटिंग के बेजोड़ कलाकारो में गिना जाता है. पद्म पुरस्कार पाकर दंंपत्ति ने प्रधानमंत्री को दिया धन्यवाद.
मधुबनी के गोदना पेंटिंग कलाकार शिवन पासवान और उनकी पत्नी को मिला पद्श्री सम्मान#PadmaAwards #PadmaAwards2024 pic.twitter.com/bwtYoc7fFv
— THEBHARATNOW (@thebharatnow) January 26, 2024
Padma Shri Madhubani शिवन और शांति को मिल चुका है राष्ट्रपति पुरस्कार
पद्मश्री पुरस्कार की धोषणा के बाद सुबह से उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है है.परिवार और गांव के लोगों ने पद्मश्री पुरुस्कार को लेकर सभी को मिठाई भी खिलाई. वहीं जब शिवन पासवान से पुरस्कार को लेकर नाम चयन को लेकर पूछा गया तो शिवन पासवान ने बताया कि पेंटिंग को लेकर मेरा पूरा परिवार और मैं खुद पेंटिंग को लेकर करीब 48 वर्षों से लगा हुआ हूं. शांति पासवान को 1979-80 में जबकि मुझे 1980-81 में राज्य पुरस्कार अलग अलग मिला. जबकि दोनो को एक साथ गोदना पेंटिंग को लेकर 1984-85 में राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है.

‘उम्मीद नहीं थी कि दोनों को मिलेगा पद्मश्री !’
शिवन पासवान ने कहा की पद्मश्री पुरस्कार के लिए 5 से 6 बार हम लोगों ने अप्लाई किया था, लेकिन नाम चयन नहीं हुआ. वहीं इस बार फोन आया कि आप दोनों पति-पत्नी शिवन पासवान और शांति पासवान का नाम पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयन किया गया है. पद्मश्री पुरस्कार को लेकर नाम के चयन के बाद पद्मश्री पुरस्कार मिलने की खबर जब मिली तो बहुत खुश हुए. हमें किसी एक व्यक्ति के चयन की उम्मीद थी, लेकिन दोनो को एक साथ पुरस्कार मिलने से दोहरी खुशी मिल रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने पासवान दंपत्ति को दिया बधाई
शिवन पासवान को पद्मश्री मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बधाई संदेश भेजा . स्थानीय लोगों का कहन है कि सरकार ने पिछड़े वर्ग के एक नहीं, दो-दो लोगो को एक साथ पद्म पुरस्कार देकर पूरे तबके को ऊपर उठाने का काम किए हैं.
वहीं शिवम पासवान ने बताया कि शांति देवी जी-20 सम्मेलन जो दिल्ली में हुआ था. उसमें भाग लेने दिल्ली ई थी. जी-20 के दौरान शांति देवी ने पेंटिग के माध्यम से चंद्रयान बनाया था, जिसकी तारीफ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. परिवार के अन्य सदस्यों ने बताया कि हम सभी इसी काम को करते हैं. वहीं शिवम पासवान और शांति देवी का बड़ा पुत्र कमल पासवान ने कहा कि हमलोग भी मिथिला पेंटिंग बनाते है. पेंटिंग को लेकर ही 2012-13 में बिहार राज्य सरकार से की तरफ से राज्य पुरस्कार सम्मान भी मिला है.

