34 लाख गैस कनेक्शन ब्लॉक होने पर भड़की कांग्रेस, बोली—भाजपा सरकार गरीब विरोधी ही नहीं, हिंदू विरोधी भी!

पटना। बिहार में ई-केवाईसी के नाम पर 34 लाख से अधिक एलपीजी गैस कनेक्शन ब्लॉक किए जाने के मुद्दे पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस की महिला प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीब विरोधी नीतियों के साथ-साथ हिंदू विरोधी रवैया भी अपना रही है। पार्टी ने सवाल उठाया कि नवरात्र जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले इतनी बड़ी संख्या में गैस कनेक्शन ब्लॉक करने की जरूरत क्यों पड़ी? सरकार बताए कि आखिर लाखों परिवारों को त्योहार के समय परेशानी में डालने की जिम्मेदारी कौन लेगा? कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना, कन्या पूजन, भोग और प्रसाद तैयार करने की विशेष परंपरा है। ऐसे समय में यदि परिवारों के रसोई गैस कनेक्शन ही बंद हो जाएं, तो आम लोगों की मुश्किलें बढ़ना स्वाभाविक है। खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को रसोई चलाने से लेकर धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारी तक में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

– नवरात्र में धार्मिक आस्था पर चोट का आरोप
कांग्रेस ने भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर सरकार नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा और नारी शक्ति के सम्मान की बातें करती है, वहीं दूसरी ओर लाखों परिवारों की रसोई को संकट में डालने वाले फैसले पर चुप्पी साधे हुए है। पार्टी ने पूछा कि देवी की आराधना के इस पावन अवसर पर आम श्रद्धालुओं की परेशानी दूर करने के बजाय उन्हें संकट में क्यों धकेला जा रहा है? कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि ई-केवाईसी उपभोक्ताओं के सत्यापन की एक प्रक्रिया है, न कि गरीब जनता को दंडित करने का माध्यम। यदि किसी उपभोक्ता का सत्यापन अधूरा है, तो उसे उचित सूचना, पर्याप्त समय और सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए। बिना समुचित व्यवस्था के बड़े पैमाने पर गैस कनेक्शन ब्लॉक होने से आम परिवारों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।

– सरकार से मांगा जवाब, तत्काल बहाली की मांग
कांग्रेस ने केंद्र और बिहार सरकार से मांग की है कि प्रभावित पात्र उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन तत्काल बहाल किए जाएं। साथ ही, कनेक्शन ब्लॉक किए जाने की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर जिम्मेदारी तय की जाए। पार्टी ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि कितने उपभोक्ता वास्तव में अपात्र पाए गए हैं, कितने लोगों का ई-केवाईसी अधूरा है और कितने पात्र परिवार तकनीकी या प्रशासनिक खामियों के कारण परेशानी झेल रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि त्योहारों के समय जनता को राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। जनकल्याण का अर्थ केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि जरूरत के समय आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना है।

– ‘गरीब मां-बहनों की रसोई का चूल्हा जलना जरूरी’
कांग्रेस ने दो टूक कहा कि मां दुर्गा की पूजा और नारी सम्मान की बातें तभी सार्थक होंगी, जब गरीब मां-बहनों की रसोई का चूल्हा भी जलता रहेगा। पार्टी ने सरकार से मांग की कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर लाखों परिवारों को राहत दी जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए।
इस संबंध में बयान जारी करने वालों में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डॉ. कुमारी अनिता, खुशबू कुमारी, प्रियंका पुष्प, निधि पांडे, पूनम यादव, आरती राय, मेनका कुमारी और रेखा सिंह शामिल हैं

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