बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में शामिल होंगे अतिथि शिक्षक, माध्यमिक शिक्षा मंडल ने लिया अहम फैसला

भोपाल। मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 के फरवरी-मार्च महीने में आयोजित होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के संचालन को लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। प्रदेश में एक ही समय पर जनगणना कार्य और बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होने के कारण शिक्षकों की कमी की आशंका जताई जा रही है। इस समस्या से निपटने के लिए पहली बार अतिथि शिक्षकों को परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी जाएगी।

जनगणना कार्य से नियमित शिक्षकों की कमी

जनगणना 2027 के दूसरे चरण के तहत जनवरी 2027 में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण होना है, जिसके बाद फरवरी और मार्च के शुरुआती दिनों में मैदानी कार्य चलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत नियमित शिक्षकों में से एक बड़ी संख्या को जनगणना के कार्यों में तैनात किया जा रहा है। ऐसे में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों पर नियमित पर्यवेक्षकों की उपलब्धता प्रभावित होने की पूरी संभावना है।

70 हजार अतिथि शिक्षकों को मिलेगी जिम्मेदारी

स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत वर्तमान में लगभग 70 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। चूंकि इन अतिथि शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में नहीं लगाई जाती है, इसलिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर इनकी सेवाएं बोर्ड परीक्षा की व्यवस्थाओं में लेने का निर्देश दिया है।

समन्वय बनाकर पूरी की जाएगी परीक्षा व्यवस्था

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जिला शिक्षा अधिकारियों, लोक शिक्षण संचालनालय और जनगणना विभाग के अधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद यह रणनीति तैयार की है। परीक्षा समिति के इस फैसले से एक ओर जहां जनगणना का कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर भी पर्यवेक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी।

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