भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में सुल्तानगंज के चर्चित गोलीकांड के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। यह कार्रवाई सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार की हत्या के महज 12 घंटों के भीतर की गई। इस एनकाउंटर में पुलिस के तीन जवान भी जख्मी हुए हैं।
मुठभेड़ की स्थिति
भागलपुर पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रामधनी यादव को वारदात में प्रयुक्त हथियार और साक्ष्य बरामद करने के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान, आरोपी ने अपने साथियों की मदद से पुलिस दल पर हमला कर दिया और अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
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जवाबी कार्रवाई: पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जिसमें रामधनी यादव गंभीर रूप से घायल हो गया।
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अस्पताल में मौत: उसे और घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने रामधनी को मृत घोषित कर दिया।
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वरिष्ठ अधिकारियों का दौरा: एनकाउंटर की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने अस्पताल पहुंचकर घायल जवानों का हाल जाना और स्थिति का जायजा लिया।
एसएसपी का आधिकारिक बयान
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि अपराधी को हथियार बरामदगी के लिए चिन्हित स्थान पर ले जाया जा रहा था, तभी उसने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। फिलहाल घायल जवानों का उपचार जारी है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
घटना की पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला 28 अप्रैल को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुई सनसनीखेज वारदात से जुड़ा है:
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दिनदहाड़े हमला: बाइक सवार तीन अपराधियों ने नगर परिषद कार्यालय में घुसकर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं।
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अधिकारी की मौत: इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की जान चली गई।
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सभापति घायल: नगर परिषद सभापति राजकुमार गुड्डू भी इस गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनका उपचार चल रहा है।

