Adani QIP, नई दिल्ली : अरबपति कारोबारी गौतम अडानी के अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट यानी क्यूआईपी (QIP) के जरिए जरिये एक 8300 करोड़ रुपये यानी एक अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं. अडानी समूह ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद किसी सार्वजनिक इक्विटी के जरिये पहली बार बाजार से फंडिंग हासिल किया है. आपको बता दें कि रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद दुनिया भर में अडानी ग्रुप ऑफ कंपनीज शेयरों में भारी कमी आई थी.
Adani QIP ने कुछ घंटों में सब्सक्रिप्शन से कमाये 26,000 करोड़
बिजनस वर्ल्ड के जानकारों के मुताबिक अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने QIP के जरिये फंडिंग हासिल की है. ये QIP मंगलवार रात ही खुला और खुलने के साथ ही इसको 26,000 करोड़ रुपये का सब्सक्रिप्शन मिल गया है . इसके साथ ही अडानी समूह का ये सौदा भारत के ऊर्जा क्षेत्र का सबसे बड़ा सौदा बन गया. QIP की शुरुआत 976 रुपये के इश्यू प्राइस से शुरु हुआ जो 1,135 रुपये पर जाकर बंद हुआ .
QIP के लिए सेबी की मंजूरी की जरुरत नहीं
आपको बता दें कि कंपना अक्सर QIP के जरिये घरेलू बाजार से रकम जुटाने के लिए इसका इस्तेमाल करती है. इसके लिए SEBI यानी मार्केट रेग्युलेटर बोर्ड से मंज़ूरी लेन की जरुरत नहीं पड़ती है.QIP के लिए कंपनियां बाजार नियमों के तहत शेयर्स के दाम तय करती है.QIP की कीमत उसके शेयर के 2 सप्ताह के औसत दाम से कम नहीं हो सकता है..
क्या है QIP , इसे कौन खरीद सकता है ?
QIP एक ऐसा शेयर है जिसे बाजार में मौजूद सभी बायर नहीं खरीद सकते हैं, बल्कि इसके खरीदार केवल वो लोग है जो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स हैं. QIB वे निवेशक होते हैं जिन्हें भारत में सेबी से मान्यता प्राप्त है , उन्हे किसी आइपीओ को खरीदने के लिए सेबी से अलग से मंजूरी लेने की जरुरत नहीं पड़ती है. ये लोग बाजार के विशेषज्ञ इनवेस्टर होते हैं और बाजार में इनका योगदान भी काफी बड़ा होता है.

