Tuesday, March 3, 2026

MaharashtraPoliticsCrisis: चाचा भतीजे की लड़ाई में चाचा शरद पवार का पलड़ा भारी, अपने विधायकों को बचाने अजीत पहुंचे होटल ताज

मुंबई   NCP Vs NCP लड़ाई में अजित पवार के मुकाबले शरद पवार का पलड़ा भारी नजर आ रहा है. संख्या बल के आधार पर शरद पवार की बैठक मे केवल 16 विधायक पहुंचे लेकिन इन विधायकों में ज्यादातर पार्टी के पदाधिकारी शामिल हैं. वहीं अजित पवार की बैठक में केवल 29 विधायक पहुंचे. इन विधायकों में वो 8 विधायक भी शामिल हैं जिन्होंने अजित पवार के साथ शिंदे कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली है.

पार्टी तोड़ने के लिए काफी नहीं है विधायक

यानी अभी भी अजित पवार पर दल बदल कानून के तहत अयोग्यता की तलवार टंगी है. पार्टी के तौर पर मान्यता प्राप्त करने के लिए अजित पवार क कम से कम 37 विधायकों की जरुरत है. बैठक शुरु होने से पहले अजित पवार ने दावा किया था कि उनके पास 42 विधायकों का लिखित समर्थन हासिल है लेकिन बैठक में कम विधायकों की संख्या अजित पवार को मुश्किल में डाल सकती है. संभवतः इसीलिए अपने विधायकों को बचाने के लिए अजित पवार  29 विधायकों के साथ बस से होटल ताज के लिए रवाना हो गये हैं.

अजीत पवार गुट की बैठक में किसने क्या कहा

तो सबसे पहले बात बांद्रा के MET कॉलेज ग्राउड में हुई बैठक में अजित पवार गुट के नेताओं की बैठक में क्या हुआ ये जान लेते है. कम विधायक पहुंचने से परेशान अजित पवार ने चाचा पर क्या आरोप लगाए.

AJIT POWAR MEETIN IN BANDRA MET GROUND
AJIT POWAR MEETIN IN BANDRA MET GROUND

अजित पवार ने की शरद पवार से रिटायर होने की मांग

एनसीपी तोड़ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने अजीत पवार ने चाचा के सामने हथियार डालने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, “आपने मुझे सबके सामने खलनायक के रूप में दिखाया. मेरे मन में अभी भी उनके (शरद पवार) लिए सम्मान है… आप मुझे बताएं, IAS अधिकारी 60 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं… राजनीति में भी भाजपा नेता 75 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं. आप लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का उदाहरण देख सकते हैं… इससे नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का मौका मिलता है… आप (शरद पवार) हमें अपना आशीर्वाद दें… लेकिन आप 83 वर्ष के हैं, क्या आप रुकने वाले नहीं हैं?.. हमें अपना आशीर्वाद दें और हम प्रार्थना करेंगे कि आपकी उम्र लंबी हो.”

शिवसेना की विचारधारा को स्वीकार कर सकते है तो बीजेपी की क्यों नहीं-प्रफुल्ल पटेल

वहीं शरद पवार द्वारा एनसीपी से निकाले गए नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि, जब हम शिवसेना की विचारधारा को स्वीकार कर सकते हैं तो फिर बीजेपी के साथ जाने में क्या आपत्ति है? हम एक स्वतंत्र इकाई के रूप में इस गठबंधन में शामिल हुए हैं. जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला बीजेपी के साथ चले गए और अब वे संयुक्त विपक्ष का हिस्सा हैं. मैं शरद पवार के साथ पटना में संयुक्त विपक्ष की बैठक में गया था और वहां का दृश्य देखकर मुझे हंसने का मन हुआ. वहां 17 विपक्षी दल थे, 7 में से लोकसभा में केवल 1 सांसद है और एक पार्टी ऐसी है जिसके पास 0 सांसद हैं. उनका दावा है कि वे बदलाव लाएंगे… हमने यह फैसला (एनडीए में शामिल होने का) देश और अपनी पार्टी के लिए लिया है, व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं.”

छगन भुजबल का बयान

शरद पवार का साथ छोड़ कर अजीत पवार का साथ पकड़ने वाले छगन भुजबल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया है, नियम कायदे क्या हैं, इन सभी बातों का पूरा अध्ययन करने के बाद ही एनसीपी (अजीत पवार) ने यह कदम उठाया है. हमने यह कदम एक झटके में नहीं उठा लिया है इसके विषय में पूरा विचार किया गया है.

हम पर आरोप लगाया जा रहा है कि हम केसेस के डर से यहां आए हैं . ऐसा नहीं है. धनंजय मुंडे, दिलीप वालसे पाटिल, रामराजे निंबालकर आदि पर कोई केस नहीं और ऐसे कई दूसरे लोगों पर भी कोई केस नहीं है. वो फिर भी यहां है. हम यहां आए हैं तो सिर्फ इसलिए कि साहब ( शरद पवार) आपके आसपास कुछ बड़वे ( विट्ठल के आस पास जो पुजारी होते हैं उन्हें बडवे कहते हैं) हैं , जो पार्टी को समाप्त करने निकले हैं एक बार आप उनको किनारे कर दीजिए तो हम सब आपके पास वापस आने को तैयार हैं.

शऱद पवार की बैठक में क्या हुआ?

वहीं इसके जवाब में शरद पवार गुट ने भी मीटिंग की, इस मीटिंग में शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने कहा, “हमारा अपमान करें, लेकिन हमारे पिता (शरद पवार) का नहीं. यह लड़ाई भाजपा की सरकार के ख़िलाफ़ है. भाजपा देश की सबसे भ्रष्ट पार्टी है.मूल NCP शरद पवार के साथ है और मूल प्रतीक हम हैं.”

शरद पवार ने कहा चुनाव चिह्न हमारे पास है

शरद पवार ने अजित पवार की बातों का जवाब नहीं दिया उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि, “जिन विधायकों ने अलग होने का फैसला किया, उन्होंने हमें विश्वास में नहीं लिया. अजित पवार गुट ने किसी भी प्रक्रिया का पालन नहीं किया है. पार्टी का चुनाव चिह्न हमारे पास है, वह कहीं नहीं जायेगा. जो लोग और पार्टी कार्यकर्ता हमें सत्ता में लाए, वे हमारे साथ हैं.”

अनिल देशमुख ने दिया अजित पवार को जवाब

लेकिन शरद पवार गुट के नेता अनिल देशमुख ने अजित पवार पर जवाबी हमला बोलते हुए कहा कि, “82 साल का शेर अभी भी जिंदा है. वे आज भी एक शेर की तरह लड़ रहे हैं.”

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