दिल्ली: आज के समय में मेडिकल साइंस एडवांस हो गई है कि ब्लड डोनेशन और ऑर्गन डोनेशन के जरिए जरूरतमंद लोगों को जिंदगी वरदान में मिली है. किडनी, फेफड़े लंग्स, आंखे और हार्ट डोनेट करने के अलावा आजकल स्किन डोनेशन भी किया जा सकता है. आमतौर पर ज्यादातर स्किन डोनेशन के बारे में नहीं जानते हैं. लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बहुत सारे लोग जो ऑर्गन डोनेट करते हैं वह अपनी स्किन भी डोनेट कर सकते हैं. इसके लिए नार्थ इंडिया में पहला स्किन डोनेट सेण्टर भी खुल गया. ये सेंटर राजधानी दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में खुला है.
The 1st SkinBank in North India got inaugurated by Dr BL Sherwal MS & Dr V Talwar OSD. Dr Sherwal told that it will be helpful for burn pts. Dr Shalabh HOD Dept of B&P Surgery informed that skin can be donated with in 6hrs of death & utilized for burns/trauma pts after processing pic.twitter.com/vPyFqaC6OE
— VMMC & Safdarjung Hospital (@SJHDELHI) June 20, 2023
क्यों करते हैं स्किन डोनेट?
स्किन दान के बारे में सुनकर आप ये सोच में पड़ गए होंगे कि ये कैसे होगा इसका क्या फायदा होगा. तो बता दें कि किसी दुर्घटना में जल जाने या एसिड अटैक की वजह से हर साल कई लोगों की स्किन जल जाती है. ऐसे में स्किन डोनेशन की मदद से लोगों की मदद कि जाती है.आंकडों के मुताबिक, भारत में हर साल 80 लाख से भी अधिक लोग जल जाते हैं. इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे होते हैं. वहीं दूसरी स्किन जलने से 10-15 प्रतिशत लोगों को स्किन से जुड़ी गंभीर बीमारी हो जाती है. यह जानलेवा भी साबित हो सकता है.
ऐसे मामलो में आप आगे बढ़कर लोगों की मदद कर सकते हैं। स्किन किसी भी व्यक्ति के शरीर का नैचुरल कवर है. जो शरीर के सेफ गार्ड की तरह काम करती है. सिर्फ इतना ही नहीं यह सूरज, प्रदूषण, केमिकल्स और बैक्टिरिया से शरीर को बचाती है. साथ ही यह शरीर को सुरक्षित रखती है. नैचुरली, हल्की चोट या खरोंच लगने पर स्किन खुद ब खुद रिकवर हो जाती है. इसके साथ ही यह निशान और धब्बे धीरे-धीरे हल्के होने लगते हैं. लेकिन जलने या ऐसी किसी हादसे में ये रिकवर नहीं हो पाती.
क्या है स्किन डोनेशन की प्रक्रिया?
अब ये किया कैसे जाए तो बता दें इसका एक मेथड होता है. स्किन डोनेशन के लिए सबसे पहले ब्लड टेस्ट और स्किन का कलर टेस्ट किया जाता है. स्किन डोनेशन के लिए स्किन डोनेशन बैंक से भी मदद ली जा सकती है. आमतौर पर जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसके 6 घंटे के अंदर जरूरतमंद को स्किन डोनेट किया जाता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि स्किन डोनेशन करने वाले व्यक्ति के स्किन को 3-5 सालों तक फ्रीजिंग प्रोसेस के जरिए स्किन स्टोर किया जाता है. और लोगों को नै ज़िन्दगी दी जाती है. तो है ना ये कमाल की शुरआत. तो अगर आप भी अपने जाने के बाद दूसरों को खुशियां देना चाहते हैं. तो देरी ना करे क्योंकी आपका एक कदम कई ज़िन्दगी बचा सकता है.

